ईरान के अंदरूनी हालात अब और तनावपूर्ण हो गए हैं। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडर मेजर जनरल अहमद वहिदी ने साफ कर दिया है कि वे अमेरिका के सामने कोई समझौता नहीं करेंगे। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के बड़े नेताओं के बीच इस बात को लेकर भारी मतभेद हैं कि अमेरिका के साथ बातचीत कैसे आगे बढ़ानी चाहिए।
ईरान के नेताओं के बीच क्यों मची है रार?
ईरान के भीतर फिलहाल दो गुट बन गए हैं। एक तरफ संसद स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ जैसे नेता हैं जो अमेरिका के साथ लचीला रुख अपनाना चाहते हैं। दूसरी तरफ मेजर जनरल अहमद वहिदी हैं, जिन्होंने 1 मार्च 2026 को रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की कमान संभाली थी। वहिदी और उनके साथी अमेरिका की मांगों को बहुत ज्यादा और अव्यावहारिक बता रहे हैं, जिसके चलते वे किसी भी तरह की रियायत देने के सख्त खिलाफ हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य में क्या हुआ और क्या है ईरान का दावा?
तनाव के बीच 25 अप्रैल 2026 को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने ‘Epaminondas’ नाम के एक जहाज को पकड़ लिया। ईरान का आरोप है कि यह जहाज अमेरिकी सेना की मदद कर रहा था। वहीं ईरान के रक्षा मंत्रालय ने ऐलान किया कि उनकी मिसाइल ताकत अभी भी बरकरार है और होर्मुज जलडमरूमध्य पर उनके सशस्त्र बलों का पूरा नियंत्रण है, जिसे वे अपनी एक बड़ी उपलब्धि मान रहे हैं।
अमेरिका और पाकिस्तान के साथ बातचीत का क्या अपडेट है?
- ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची शांति प्रयासों के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंचे।
- अमेरिका ने भी स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर की एक टीम पाकिस्तान भेजने का संकेत दिया है।
- अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने 24 अप्रैल 2026 को पुष्टि की कि अमेरिका अब ईरान को तेल बेचने की छूट नहीं देगा।
- अमेरिका का कहना है कि ईरान द्वारा की जा रही नाकाबंदी के कारण अब कोई भी ईरानी तेल निर्यात नहीं हो रहा है।