अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर गहरा गया है। पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने दावा किया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के काम करने के तरीके की वजह से ईरान के negotiators को अमेरिका डरा हुआ महसूस हो रहा है। इसी बीच दोनों देशों के बीच सीजफायर की समय सीमा भी खत्म होने वाली है, जिससे माहौल और गरमा गया है।

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जॉन बोल्टन ने डोनाल्ड ट्रंप के बारे में क्या दावा किया?

जॉन बोल्टन ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप भावनाओं में बहकर और बिना किसी सही योजना के फैसले ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि ट्रंप इस युद्ध से बाहर निकलना चाहते हैं और उनकी घबराहट को देखकर ईरान के अधिकारियों को लग रहा है कि व्हाइट हाउस में हड़कंप मचा है। बोल्टन के मुताबिक ट्रंप के सोशल मीडिया बयानों की वजह से ईरान को वह बढ़त मिल रही है, जो उसे नहीं मिलनी चाहिए थी।

ईरान ने अमेरिकी दबाव और बातचीत पर क्या कहा?

ईरानी नेताओं ने अमेरिका की धमकियों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। संसद के स्पीकर मोहम्मद बागर कालिबाफ ने साफ कहा कि ईरान धमकियों के साये में कोई बातचीत नहीं करेगा। वहीं, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बग़ाई ने बताया कि सीजफायर वार्ता में शामिल होने पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। ईरान का कहना है कि अमेरिका ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में रास्ता रोककर गलत कदम उठाया है, इसलिए अब बातचीत मुश्किल है।

अमेरिका ने ईरान और अन्य देशों पर नए प्रतिबंध क्यों लगाए?

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने 21 अप्रैल 2026 को ईरान, तुर्की और UAE के 14 लोगों और संस्थाओं पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। ये कार्रवाई उन लोगों के खिलाफ की गई है जो ईरान के लिए हथियार और ड्रोन की सप्लाई कर रहे थे। अमेरिका का मकसद ईरान के मिसाइल प्रोग्राम और ड्रोन नेटवर्क को कमजोर करना है। इस तनाव के बीच, अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने पाकिस्तान की अपनी यात्रा स्थगित कर दी है, जहाँ बातचीत होनी थी।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.