ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिका द्वारा किए गए सैन्य हमलों के बाद ईरान ने कड़ा रुख अपनाया है और पलटवार की चेतावनी दी है। ईरान ने साफ कहा है कि वह अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और अधिकारों के साथ कोई समझौता नहीं करेगा।

अमेरिकी हमलों पर ईरान का गुस्सा

ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका ने अपने वादों को तोड़ा है। राष्ट्रपति Donald Trump ने 10 जुलाई 2026 को ऐलान किया था कि दोनों देशों के बीच युद्धविराम अब खत्म हो चुका है। ईरान ने अमेरिकी हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून और “Islamabad Memorandum of Understanding” (MOU) का उल्लंघन बताया है और इन्हें युद्ध अपराध कहा है।

पड़ोसी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर हमला

तनाव के बीच ईरान के कौंसल जनरल Saeid Reza Mosayeb Motlagh ने बताया कि ईरान ने पहले ही Kuwait, Bahrain और Qatar में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और हितों को निशाना बनाया है। वहीं, ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव Mohammad Baqer Zolqadr ने चेतावनी दी कि अगर ईरान के बुनियादी ढांचे पर हमला हुआ तो इसका जवाब सख्त होगा और इसमें Israel को भी नहीं बख्शा जाएगा।

अमेरिका का क्या कहना है

अमेरिकी डिप्टी एम्बेसडर Tammy Bruce ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कहा कि बातचीत की गुंजाइश अभी भी है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि अगर नागरिक संपत्तियों या जहाजों पर हमला हुआ तो अमेरिका जवाब जरूर देगा।

नुकसान और परमाणु बातचीत

हालिया अमेरिकी हमलों में ईरान के पांच प्रांतों में कम से कम 14 लोगों की जान गई और 78 लोग घायल हुए। ये हमले तब हुए जब वहां सुप्रीम लीडर Ayatollah Ali Khamenei के जनाजे की रस्में चल रही थीं। इसके बावजूद, अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर तकनीकी बातचीत Switzerland में जारी है। Egypt और Qatar ने भी दोनों देशों से बातचीत शुरू करने और तनाव कम करने की अपील की है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.