ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर गहरा गया है। ईरान के संसद स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने सोशल मीडिया पर एक गणितीय समीकरण (mathematical equation) के जरिए अमेरिका को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि ईरान के पास ऐसे ‘की कार्ड्स’ हैं जिनसे वह वैश्विक तेल बाजार और कीमतों को प्रभावित कर सकता है।

ईरान के ‘मैथ्स’ का क्या मतलब है और अमेरिका को क्या खतरा है?

26 अप्रैल 2026 को Ghalibaf ने X (ट्विटर) पर एक पोस्ट किया जिसमें उन्होंने लिखा कि ईरान की सप्लाई और अमेरिका की डिमांड बराबर है। आसान भाषा में इसका मतलब यह है कि अगर अमेरिका ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी करता है, तो ईरान दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल रास्तों को बंद कर सकता है।

  • Strait of Hormuz (SOH): ईरान ने संकेत दिया कि अगर इस रास्ते में रुकावट आई तो तेल की कीमतें इतनी बढ़ जाएंगी कि आज के दाम बहुत कम लगेंगे।
  • Bab el-Mandeb (BEM) और पाइपलाइन्स: इन रास्तों पर नियंत्रण के जरिए ईरान अमेरिका के ‘डिमांड कार्ड्स’ का जवाब दे सकता है।
  • अमेरिकी चुनाव: ईरान ने नवंबर 2026 में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों और गर्मियों की छुट्टियों का जिक्र करते हुए संकेत दिया कि तेल की बढ़ती कीमतें अमेरिका के लिए मुसीबत बन सकती हैं।

क्या केवल तेल ही एकमात्र मुद्दा है?

तेल के अलावा ईरान ने आर्थिक मोर्चे पर भी अमेरिका को चुनौती दी है। Ghalibaf ने बताया कि अमेरिका के साथ असली लड़ाई अब ‘वित्तीय युद्ध’ (financial warfare) के मैदान में है। यह बयान अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent के बयानों के जवाब में आया था।

इसी बीच ईरान के उपराष्ट्रपति Esmail Saghab Esfahani ने 26 अप्रैल को चेतावनी दी कि अगर ईरान के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया गया, तो वह कड़ा जवाब देगा। उन्होंने कहा कि ईरान का हिसाब-किताब अलग है। दूसरी ओर, ओमान के विदेश मंत्री Badr al-Busaidi ने ईरानी विदेश मंत्री Abbas Araghchi से बातचीत की और समुद्र में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए डिप्लोमेसी का रास्ता अपनाने की अपील की है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.