अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बहुत बढ़ गया है। पाकिस्तान में होने वाली शांति बातचीत को लेकर ईरान के प्रोफेसर Mostafa Khoshcheshm ने कहा है कि ईरान इसमें शामिल नहीं होगा। उन्होंने इन प्रस्तावों को एकतरफा बताया है, वहीं दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है।

ईरान ने बातचीत से इनकार क्यों किया?

ईरान के प्रोफेसर Mostafa Khoshcheshm ने Al Jazeera को बताया कि अमेरिका के प्रस्ताव पुराने और एकतरफा हैं, जो सिर्फ वॉशिंगटन और उसके साथियों के फायदे के लिए बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के अलग-अलग बयानों की वजह से ईरान को लगता है कि अमेरिका किसी भी डील के लिए भरोसेमंद साथी नहीं है। ईरान का मानना है कि वह इस विवाद में मजबूत स्थिति में है, इसलिए वह बातचीत में शामिल नहीं होगा।

डोनाल्ड ट्रंप ने क्या धमकी दी?

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ऐलान किया कि उनके प्रतिनिधि 20 या 21 अप्रैल को पाकिस्तान जाएंगे। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर धमकी दी कि अगर ईरान ने डील स्वीकार नहीं की, तो वे ईरान के हर पावर प्लांट और पुल पर हमला कर देंगे। उन्होंने ईरान पर आरोप लगाया कि उसने फ्रांसीसी और ब्रिटिश जहाजों पर हमला करके युद्धविराम का उल्लंघन किया है। ट्रंप ने कहा कि अगर समय पर डील नहीं हुई, तो हमले फिर से शुरू होंगे।

तनाव के मुख्य कारण और मौजूदा स्थिति

इस पूरे विवाद में कई बड़ी बातें सामने आई हैं, जिन्हें नीचे दी गई टेबल में समझा जा सकता है:

मुख्य व्यक्ति/संस्था कहा गया बयान या कार्रवाई
Donald Trump पावर प्लांट और पुलों पर हमले की धमकी दी
Mostafa Khoshcheshm प्रस्तावों को एकतरफा और बेकार बताया
Mohammad Bagher Ghalibaf कहा कि बातचीत में गैप है पर प्रोग्रेस हो रही है
Esmaeil Baqaei अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी को गैरकानूनी बताया
Tasnim News Agency बताया कि ईरान बातचीत के लिए प्रतिनिधि नहीं भेजेगा
अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी की है
ईरान Strait of Hormuz से जहाजों के गुजरने पर रोक लगाई
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.