ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बहुत बढ़ गया है। ईरान ने साफ़ तौर पर कहा है कि वह शांति चाहता है, लेकिन अगर हालात बिगड़े तो वह दूसरे विकल्पों के लिए भी पूरी तरह तैयार है। अमेरिका ने ईरान के शांति प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है, जिससे अब क्षेत्र में युद्ध का खतरा और गहरा गया है।

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ईरान की 14 सूत्रीय मांगें क्या हैं?

ईरान ने पाकिस्तान के ज़रिए अमेरिका को एक 14 पॉइंट का जवाबी प्रस्ताव भेजा था। इस प्रस्ताव में ईरान ने अपनी कुछ मुख्य शर्तें रखी हैं:

  • युद्ध की समाप्ति: लेबनान समेत सभी मोर्चों पर तुरंत युद्ध बंद हो।
  • नाकेबंदी हटाना: अमेरिकी नौसेना द्वारा लगाई गई नाकेबंदी को खत्म किया जाए।
  • संपत्ति की वापसी: ईरान की जो संपत्ति विदेशों में जमी हुई है, उसे वापस किया जाए।
  • तेल और प्रतिबंध: अमेरिकी प्रतिबंध हटाए जाएं और ईरान को अपना तेल बेचने की अनुमति मिले।
  • परमाणु मुद्दे: परमाणु कार्यक्रम पर बात तभी होगी जब युद्ध पूरी तरह खत्म हो जाएगा।
  • हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य: इस रास्ते पर ईरान की संप्रभुता और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित हो।

अमेरिका का रिएक्शन और नया प्रतिबंध

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के इस प्रस्ताव को ‘बकवास’ और ‘कचरा’ बताते हुए इसे पूरी तरह नामंजूर कर दिया। इसके बाद 12 मई 2026 को अमेरिका के ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने ईरान पर नए कड़े प्रतिबंध लगा दिए। इस खींचतान की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, क्योंकि दुनिया को डर है कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में रास्ता बंद हो सकता है।

ईरान के अधिकारियों ने क्या चेतावनी दी?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Ismail Baqai ने कहा कि ईरान अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए संघर्ष या कूटनीति, दोनों रास्तों पर चलने को तैयार है। वहीं, ईरान के संसद स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने चेतावनी दी कि अगर ईरान की जायज मांगों को नहीं माना गया, तो गलत रणनीतिक फैसलों के नतीजे बहुत विनाशकारी होंगे। उन्होंने साफ़ किया कि ईरान की सेना किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार बैठी है।

क्षेत्रीय देशों और चीन की भूमिका

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने चीन के शांति प्रस्ताव का समर्थन किया है। उन्होंने सऊदी अरब, मिस्र और कतर के विदेश मंत्रियों से फोन पर बात कर उन्हें हालात की जानकारी दी। पाकिस्तान ने इस पूरे मामले में एक मध्यस्थ के तौर पर काम किया और ईरान का प्रस्ताव अमेरिका तक पहुँचाया। उधर, ईरान के नए सुप्रीम लीडर Mujtaba Khamenei ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि पहले युद्ध खत्म होना चाहिए, उसके बाद ही परमाणु मुद्दों पर कोई चर्चा होगी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान ने अमेरिका के सामने क्या मुख्य शर्तें रखी हैं?

ईरान ने 14 सूत्रीय प्रस्ताव में लेबनान में युद्ध बंद करने, जमी हुई संपत्ति वापस लेने, तेल प्रतिबंध हटाने और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य पर अपनी संप्रभुता सुनिश्चित करने की मांग की है।

अमेरिका ने ईरान के प्रस्ताव पर क्या प्रतिक्रिया दी?

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज कर दिया और इसे स्वीकार करने से मना कर दिया, साथ ही 12 मई को ईरान पर नए प्रतिबंध भी लगा दिए।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.