Iran-US Tension: ईरान के राष्ट्रपति बोले अमेरिका की धमकियों से रुकी बातचीत, बंदरगाहों की नाकाबंदी अब भी जारी
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने कहा कि अमेरिका द्वारा किए गए वादों की अनदेखी और धमकियां बातचीत के रास्ते में बड़ी रुकावट हैं। इस बीच अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी जारी रखने का फैसला किया है जिससे मामला और गंभीर हो गया है।
ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत में क्या दिक्कतें आ रही हैं?
राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने साफ किया कि जब तक अमेरिका अपनी धमकियां और नाकाबंदी बंद नहीं करता, तब तक असली बातचीत संभव नहीं है। उन्होंने अमेरिका पर शब्दों और कामों के बीच पाखंड करने का आरोप लगाया। वहीं ईरान के संसदीय स्पीकर मोहम्मद बाक़िर गालीबाफ ने चेतावनी दी कि अगर युद्ध फिर से शुरू हुआ तो ईरान मैदान में नए पत्ते खोलेगा।
समुद्री नाकाबंदी और जहाजों की जब्ती पर क्या हुआ?
अमेरिका ने बंगाल की खाड़ी में Tiffany नाम के तेल टैंकर को ज़ब्त कर लिया है जो ईरान से सिंगापुर जा रहा था। इस कार्रवाई के जवाब में ईरान ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया। उधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने युद्धविराम तो बढ़ा दिया लेकिन कहा कि जब तक ईरान कोई ठोस शांति प्रस्ताव नहीं देता, नाकाबंदी जारी रहेगी।
क्या पाकिस्तान में होगी बातचीत और अन्य देशों का क्या रोल है?
पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में बातचीत का नया दौर शुरू करने की तैयारी की है, लेकिन ईरान ने अभी तक इसमें शामिल होने की पुष्टि नहीं की है। इस तनाव के बीच ब्रिटेन और फ्रांस जैसे देश भी सक्रिय हैं। ब्रिटेन जहाजों की सुरक्षा के लिए मिलिट्री प्लान बना रहा है और फ्रांस ने माइन-क्लियरिंग ड्रोन और जहाज भेजने का वादा किया है।