ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है. अमेरिका ने ईरान के सभी बंदरगाहों और तटीय इलाकों की घेराबंदी कर दी है, जिससे दुनिया भर में हड़कंप मच गया है. जवाब में ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने चेतावनी दी है कि अगर युद्ध फिर से शुरू हुआ, तो वह ऐसी सैन्य क्षमताएं दिखाएगा जिसकी दुश्मन ने कल्पना भी नहीं की होगी.

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अमेरिका की घेराबंदी और ईरान की चेतावनी क्या है?

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सभी पोर्ट्स और तटीय क्षेत्रों की नाकेबंदी का आदेश दिया है. अमेरिकी सेना ने साफ कहा है कि केवल वही जहाज गुजर पाएंगे जो गैर-ईरानी पोर्ट्स की यात्रा कर रहे हैं. इस पर ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रवक्ता हुसैन मोहेब्बी ने कहा कि यदि युद्ध जारी रहा, तो ईरान ऐसी ताकत दिखाएगा जिसके बारे में दुश्मन को कोई अंदाजा नहीं है. साथ ही, ईरान ने दावा किया कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पूरी तरह उनके नियंत्रण में है और सैन्य जहाजों को कड़ा जवाब दिया जाएगा.

इस तनाव का दुनिया और आम लोगों पर क्या असर होगा?

इस विवाद की वजह से वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिसका सीधा असर आम आदमी और अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा. पाकिस्तान ने इस मामले को सुलझाने के लिए इस्लामाबाद में बातचीत की कोशिश की थी, लेकिन 11 और 12 अप्रैल को हुई यह वार्ता विफल रही. ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उनके बंदरगाहों की सुरक्षा को खतरा हुआ, तो परसियन गल्फ और ओमान की खाड़ी का कोई भी पोर्ट सुरक्षित नहीं रहेगा.

मुख्य बिंदु विवरण
कच्चे तेल की कीमत ब्रेंट क्रूड 7% बढ़ा, करीब 102 डॉलर प्रति बैरल पहुंचा
अमेरिकी कार्रवाई ईरानी पोर्ट्स और तटीय इलाकों की पूरी नाकेबंदी
ईरानी धमकी परसियन गल्फ और ओमान की खाड़ी के पोर्ट्स असुरक्षित होंगे
बातचीत की कोशिश पाकिस्तान में 11-12 अप्रैल को वार्ता हुई, लेकिन विफल रही
हॉर्मुज जलडमरूमध्य ईरान का दावा है कि यह उनके पूर्ण नियंत्रण में है
सैन्य रणनीति ईरान ने डिसेंट्रलाइज्ड मोज़ेक डिफेंस रणनीति अपनाई है
रूस का रुख रूसी विदेश मंत्री लावरोव ने युद्ध रोकने की अपील की