ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है. ईरान ने साफ कह दिया है कि जब तक अमेरिका Strait of Hormuz से अपनी समुद्री नाकेबंदी नहीं हटाता, तब तक वह किसी भी बातचीत के लिए तैयार नहीं है. वहीं अमेरिका ने चेतावनी दी है कि वह अपनी सख्ती और बढ़ाएगा, जिससे पूरे इलाके में बेचैनी बढ़ गई है.
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ईरान ने बातचीत के लिए क्या शर्तें रखी हैं
ईरान ने अमेरिका की 15 पॉइंट वाली प्रस्ताव लिस्ट का जवाब दिया है. ईरान की मुख्य मांगों में यह बात शामिल है कि अमेरिका को आमदनी और हत्याओं के अभियानों को तुरंत रोकना होगा. इसके अलावा, ईरान ने भविष्य में हमले न होने की पक्की गारंटी और नुकसान के लिए हर्जाने की मांग की है. ईरान चाहता है कि सभी मोर्चों पर लड़ाई पूरी तरह खत्म हो. ईरान का कहना है कि Strait of Hormuz पर उसका कानूनी अधिकार है और वह इसे अपनी सुरक्षा के लिए इस्तेमाल करेगा.
अमेरिका की सख्त कार्रवाई और चेतावनी
अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि अगर कोई भी ईरानी जहाज Strait of Hormuz में माइन बिछाने की कोशिश करेगा, तो अमेरिकी सेना उसे नष्ट कर देगी. अमेरिकी नौसेना ने 24 अप्रैल को USS Rafael Peralta युद्धपोत के जरिए एक ईरानी जहाज को रोका और नाकेबंदी को सख्ती से लागू किया. इसके साथ ही, अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने ऐलान किया है कि ईरानी तेल के शिपमेंट के लिए अब कोई छूट नहीं मिलेगी.
ईरान के अंदरूनी हालात और पाकिस्तान में बैठक
खबरों के मुताबिक ईरान की सरकार के अंदर भी खींचतान चल रही है. IRGC कमांडर Ahmad Vahidi अब ज्यादा ताकतवर हो गए हैं और वह अमेरिका के खिलाफ सख्त रहने के पक्ष में हैं. उन्होंने उन अधिकारियों को पीछे धकेल दिया है जो बातचीत से मामला सुलझाना चाहते थे. हालांकि, शांति की एक उम्मीद अभी बाकी है. अमेरिकी दूत Steve Witkoff और Jared Kushner 25 अप्रैल को इस्लामाबाद जा रहे हैं, जहां पाकिस्तानी मध्यस्थों की मौजूदगी में ईरान के साथ बातचीत होने की उम्मीद है.