ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ा तनाव, फिर बंद हुआ होर्मुज जलडमरूमध्य, भारत के जहाजों पर भी हुआ हमला
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बहुत बढ़ गया है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को दोबारा बंद कर दिया है, जिससे जहाजों के आने-जाने पर रोक लग गई है। अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी कर रखी है, जिसके जवाब में ईरान ने यह कदम उठाया है। इस वजह से पूरी दुनिया में युद्ध का खतरा मंडरा रहा है।
ईरान और अमेरिका के बीच क्या चल रहा है विवाद
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान पर युद्ध विराम के नियमों को तोड़ने का आरोप लगाया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने उनकी शर्तें नहीं मानीं, तो अमेरिका ईरान के सभी पावर प्लांट और पुलों को तबाह कर देगा। वहीं, ईरान के IRGC ने कहा है कि जब तक अमेरिका उनके जहाजों को रास्ता नहीं देता, होर्मुज जलडमरूमध्य पर उनका ही कंट्रोल रहेगा। ईरान के संसदीय स्पीकर मोहम्मद बाक़िर क़लिबाफ़ ने साफ कहा कि जब हम वहां से नहीं गुजर सकते, तो दूसरे भी नहीं गुजरेंगे।
भारत और अन्य देशों पर इसका क्या असर होगा
इस तनाव का असर अब दूसरे देशों पर भी पड़ने लगा है। 18 अप्रैल को ईरान के बंदूकधारियों ने दो भारतीय जहाजों पर फायरिंग की थी, जिसके बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने ईरान के राजदूत को तलब किया। अमेरिका ने भी अपनी नेवल नाकाबंदी जारी रखी है, जिससे कई जहाज वापस मुड़ने को मजबूर हुए हैं।
| मुख्य घटना | विवरण |
|---|---|
| होर्मुज जलडमरूमध्य | ईरान ने रास्ता बंद कर दिया है |
| भारतीय जहाज | दो जहाजों पर फायरिंग हुई |
| अमेरिकी नाकाबंदी | 23 जहाजों को वापस लौटना पड़ा |
| शांति वार्ता | इस्लामाबाद (पाकिस्तान) में तैयारी |
| अमेरिकी धमकी | पावर प्लांट और पुलों पर हमले की चेतावनी |
| ईरान का दावा | बंदरगाहों की नाकाबंदी का जवाब |
| सुरक्षा | इस्लामाबाद में सुरक्षा कड़ी की गई |
क्या बातचीत से सुलझेगा यह मामला
पाकिस्तान के इस्लामाबाद में शांति वार्ता की तैयारी चल रही है। अमेरिका की तरफ से उपराष्ट्रपति Vance, Steve Witkoff और Jared Kushner वहां जा रहे हैं। ईरान ने अभी तक अपनी मौजूदगी की पुष्टि नहीं की है, लेकिन उनके अधिकारी बातचीत के लिए तैयार बताए जा रहे हैं। ईरान के डिप्टी फॉरेन मिनिस्टर ने अमेरिका पर वैश्विक अर्थव्यवस्था को खतरे में डालने का आरोप लगाया है। दुनिया की नज़र अब इन बातचीत पर है ताकि युद्ध को टाला जा सके।