मिडिल ईस्ट में हालात एक बार फिर तनावपूर्ण हो गए हैं. ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता अब तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है और इसी बीच Strait of Hormuz के पास एक भारतीय टैंकर पर हमले की खबर आई है. इस घटना के बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है और दुनिया भर की नजरें अब इस क्षेत्र की सुरक्षा पर टिकी हैं.

🚨: Oman और Russia के बीच बड़ी डील की तैयारी, इन सेक्टरों में बढ़ेगा निवेश और व्यापार, बदल जाएगी आर्थिक तस्वीर

ईरान का शांति प्रस्ताव और अमेरिका का इनकार

ईरान ने अमेरिका के सामने एक प्रस्ताव रखा था जिसमें कहा गया कि अगर अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकेबंदी हटा ले और संघर्ष खत्म करे, तो ईरान Strait of Hormuz को कमर्शियल जहाजों के लिए खोल देगा. ईरान ने यह भी कहा कि परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा बाद में की जा सकती है.

  • डोनाल्ड ट्रंप का फैसला: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस प्रस्ताव को स्वीकार करने से मना कर दिया. उनका कहना है कि कोई भी डील तभी होगी जब ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म करेगा.
  • दौरा रद्द: ट्रंप ने पाकिस्तान जाने वाले अपने दूतों का दौरा भी रद्द कर दिया क्योंकि उन्हें ईरान का शांति प्रस्ताव नाकाफी लगा.
  • ईरान का तर्क: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि बातचीत इसलिए रुकी है क्योंकि अमेरिका की मांगें बहुत ज्यादा हैं और उनका तरीका गलत है.

भारतीय टैंकर पर हमला और रूस के साथ ईरान की दोस्ती

27 अप्रैल 2026 को Strait of Hormuz के पास ईरान की सेना ने एक भारतीय झंडे वाले टैंकर पर गोली चलाई. इस गंभीर घटना के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने ईरान के राजदूत को तलब किया है. इस हमले से क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है.

  • रूस का साथ: इसी दौरान ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची सेंट पीटर्सबर्ग गए और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिले. पुतिन ने ईरान के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत रखने और मिडिल ईस्ट में शांति लाने में मदद करने का वादा किया.
  • ओमान की भूमिका: ओमान के विदेश मंत्री सैयद बदर बिन हमद अल बुसैदी ने ईरान के विदेश मंत्री से बात की और कहा कि समुद्र में जहाजों के आने-जाने की आजादी सुनिश्चित करना सभी देशों की जिम्मेदारी है.
  • क्षेत्रीय स्थिति: जानकारों का कहना है कि ईरान पूरे क्षेत्र में अपना प्रभाव बढ़ाना चाहता है, लेकिन गल्फ देश फिलहाल ईरान की इन शर्तों को मानने के लिए तैयार नहीं हैं.