ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। Strait of Hormuz को लेकर दोनों देशों में खींचतान चल रही है, जिससे पूरी दुनिया की नजरें इस इलाके पर टिकी हैं। पाकिस्तान इन दोनों देशों के बीच शांति कराने की कोशिश कर रहा है, लेकिन अमेरिका की हालिया कार्रवाइयों ने इस काम को मुश्किल बना दिया है।
Strait of Hormuz को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच क्या विवाद है?
ईरान का कहना है कि Strait of Hormuz उसके नियंत्रण में है और वह इसे एक रणनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल करेगा। ईरान ने इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर ट्रांजिट फीस लगाने का ऐलान किया है। दूसरी तरफ, अमेरिका ने 13 अप्रैल से ईरान से जुड़े जहाजों के लिए नेवल ब्लॉकेड लगाया हुआ है। अमेरिका चाहता है कि व्यापारिक जहाजों को बिना किसी रोक-टोक के यहां से आने-जाने दिया जाए।
शांति वार्ता और पाकिस्तान की भूमिका पर क्या अपडेट है?
पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता कराने की कोशिश कर रहा है। इस हफ्ते पाकिस्तान में दोनों देशों की आमने-सामने बातचीत होनी थी, लेकिन अमेरिकी सेना द्वारा एक ईरानी जहाज Touska को पकड़ने के बाद यह बातचीत खतरे में पड़ गई है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance, स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर इस्लामाबाद आने की तैयारी में हैं ताकि मामला सुलझाया जा सके।
तनाव से जुड़ी मुख्य बातें और तारीखें
| तारीख/समय | घटना |
|---|---|
| 13 अप्रैल | अमेरिका ने ईरान से जुड़े जहाजों के लिए नेवल ब्लॉकेड लगाया |
| 17 अप्रैल | ईरान ने जहाजों पर ट्रांजिट फीस लगाने का ऐलान किया |
| 20-21 अप्रैल | इजराइल और अमेरिका ने ईरान के अंदर एयरस्ट्राइक की |
| रविवार | अमेरिकी सेना ने ईरानी जहाज Touska को पकड़ा |
| 22 अप्रैल | अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का युद्धविराम खत्म होगा |
| मंगलवार/बुधवार | अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance इस्लामाबाद पहुंचेंगे |
