ईरान और अमेरिका में बढ़ा तनाव, Strait of Hormuz में जहाजों पर हमला, नाविकों और व्यापारियों के लिए बढ़ी मुसीबत
Strait of Hormuz के रास्ते से दुनिया का काफी तेल और सामान आता है, लेकिन अब वहां तनाव बहुत बढ़ गया है। ईरान ने हाल ही में कुछ जहाजों पर हमला किया और उन्हें पकड़ लिया, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खलबली मच गई है। अमेरिका की नाकाबंदी और ईरान के कड़े रुख की वजह से अब समुद्र में सफर करना खतरनाक हो गया है।
ईरान ने क्यों किया जहाजों पर हमला और क्या है पूरा मामला?
22 अप्रैल 2026 को ईरान ने तीन जहाजों पर हमला किया। इस दौरान Liberia के झंडे वाले Epaminondas और MSC Francesca को पकड़ लिया गया, जबकि Euphoria जहाज पर गोली चलाई गई। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि अमेरिका और इसराइल की हरकतों की वजह से ही इस इलाके में असुरक्षा बढ़ी है। ईरान का दावा है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून और घरेलू नियमों के तहत ये कदम उठा रहा है।
अमेरिका की नाकाबंदी और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का क्या है विवाद?
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने युद्धविराम (ceasefire) को अनिश्चित काल के लिए बढ़ाने की घोषणा की, लेकिन ईरान ने बातचीत में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। ईरान के संसद स्पीकर Mohammad Baqer Qalibaf ने कहा कि जब तक अमेरिका की नाकाबंदी जारी है, Strait of Hormuz को फिर से खोलना नामुमकिन है। कानूनी जानकारों के बीच इस बात पर बहस है कि क्या ईरान को रास्ता रोकने का हक है, क्योंकि UNCLOS नियमों के तहत यह एक अंतरराष्ट्रीय रास्ता है जिसे रोका नहीं जाना चाहिए।
नाविकों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर क्या असर पड़ेगा?
International Transport Workers’ Federation (ITF) ने जहाज मालिकों को चेतावनी दी है कि वे Strait of Hormuz के रास्ते से न जाएं। वहां लगातार हो रहे हमलों और नाकाबंदी की वजह से नाविकों की जान को खतरा है। इस बीच, Oman और ईरान मिलकर एक साझा प्रोटोकॉल तैयार कर रहे हैं ताकि इस जलमार्ग से होने वाले ट्रैफिक की निगरानी की जा सके और सुरक्षा बढ़ाई जा सके।