ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में हालात फिर से बिगड़ गए हैं, जिससे समुद्री व्यापार करने वाले जहाजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दोनों देश एक-दूसरे पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं और इस खींचतान के बीच आम शिपिंग कंपनियां फंस गई हैं।

📰: Iran US Tension: ईरान ने अमेरिका पर लगाया वादाखिलाफी का आरोप, Strait of Hormuz बंद होने से बढ़ी टेंशन

आखिर क्या हुआ और रास्ता क्यों बंद हुआ?

17 अप्रैल को ईरान के विदेश मंत्री ने कहा था कि समुद्री रास्ता खुला है, लेकिन अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी जारी रखी। इसके तुरंत बाद 18 अप्रैल को ईरान की IRGC ने इस रास्ते को फिर से बंद कर दिया। ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका अपनी घेराबंदी नहीं हटाता, रास्ता दोबारा नहीं खुलेगा। एक्सपर्ट्स का मानना है कि शांति की उम्मीदों के बाद अब हालात फिर से पुराने खतरनाक मोड़ पर आ गए हैं।

जहाजों और भारतीय टैंकर पर क्या असर पड़ा?

रास्ता बंद होने की वजह से करीब 20 कमर्शियल जहाजों को ओमान वापस भेज दिया गया, जबकि वे फारस की खाड़ी में घुसने की तैयारी में थे। भारतीय झंडे वाले टैंकर Sanmar Herald के कप्तान ने बताया कि उन्हें रास्ता पार करने की अनुमति मिलने के बाद भी IRGC की यूनिट ने उनके जहाज पर फायरिंग की। ईरान ने अब जहाजों के लिए कड़े नियम लागू किए हैं, जिसमें लगभग 20 लाख डॉलर का टोल टैक्स देना होगा और केवल उन्हीं जहाजों को प्राथमिकता मिलेगी जो इन नियमों को मानेंगे।

अब आगे क्या होगा और क्या है नया अपडेट?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर जहाजों पर हमला करने का आरोप लगाया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर समझौता नहीं हुआ तो ईरान के नागरिक बुनियादी ढांचे को नष्ट कर दिया जाएगा। हालांकि, तनाव कम करने के लिए 22 अप्रैल को अमेरिकी वार्ताकार पाकिस्तान जाएंगे, जहां ईरान के साथ फिर से बातचीत होने की संभावना है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.