Strait of Hormuz में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बहुत बढ़ गया है। ईरान ने चेतावनी दी है कि अमेरिका की हरकतों का अंजाम बहुत बुरा होगा। इस बीच UAE पर ड्रोन हमले हुए हैं और कुछ आम लोगों की जान भी गई है। इस तनाव का असर पूरी दुनिया और खासकर खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों पर पड़ सकता है।

ईरान और अमेरिका के बीच क्या विवाद चल रहा है?

ईरान के एक अधिकारी ने IRNA न्यूज़ एजेंसी के जरिए कहा कि अमेरिका की ‘सशस्त्र समुद्री डकैती’ की कीमत अब उसकी बर्दाश्त से बाहर होगी। दूसरी तरफ, अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने जहाजों के लिए रास्ता खोलने के लिए ‘Project Freedom’ शुरू किया है। 5 मई 2026 को ईरान ने दावा किया कि अमेरिका ने माल ढोने वाली छोटी नावों पर हमला किया जिसमें 5 नागरिक मारे गए। वहीं, अमेरिका के Admiral Brad Cooper ने बताया कि ईरान ने ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया, जिसके जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान की 6 नावों को तबाह कर दिया।

  • ईरान ने अमेरिकी युद्धपोतों की तरफ चेतावनी के तौर पर क्रूज मिसाइलें दागीं।
  • ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका पर अंतरराष्ट्रीय कानूनों के उल्लंघन का आरोप लगाया।
  • ईरान की सेना ने कहा कि उनका सब्र अब खत्म हो रहा है और वे कड़ा जवाब देंगे।

UAE, भारत और South Korea पर क्या असर हुआ?

तनाव का असर केवल ईरान और अमेरिका तक सीमित नहीं रहा। UAE के विदेश मंत्रालय ने ईरान के ड्रोन हमले की निंदा की है, जो ADNOC से जुड़ी एक कंपनी के जहाज पर हुआ था। भारत के विदेश मंत्रालय ने भी UAE के Fujairah Petroleum Zone में भारतीय नागरिकों पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। इसके अलावा, एक South Korean जहाज में धमाका हुआ और आग लग गई, जिसका आरोप राष्ट्रपति Trump ने ईरान पर लगाया है।

खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि समुद्री रास्तों पर तनाव होने से व्यापार और आवाजाही पर असर पड़ता है। UAE और अन्य पड़ोसी देश इस समय सुरक्षा को लेकर काफी सतर्क हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Strait of Hormuz में तनाव क्यों बढ़ा है?

ईरान और अमेरिका एक दूसरे पर समुद्री डकैती और जहाजों को रोकने का आरोप लगा रहे हैं। इस वजह से दोनों देशों की सेनाओं के बीच मिसाइल और ड्रोन हमले हुए हैं।

भारतीय नागरिकों पर इसका क्या असर हुआ?

UAE के Fujairah Petroleum Zone में भारतीय नागरिकों पर हमला हुआ है, जिसकी भारत के विदेश मंत्रालय ने कड़ी निंदा की है।