Strait of Hormuz के रास्ते को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच विवाद काफी बढ़ गया है. अमेरिका ने जहाजों की आवाजाही बहाल करने के लिए ‘Project Freedom’ शुरू किया है, जबकि ईरान ने अमेरिकी दावों को झूठा बताया है. इस तनाव के बीच UAE के एक तेल टैंकर पर ड्रोन हमले की खबर ने पूरे इलाके में चिंता बढ़ा दी है.
ईरान और अमेरिका के बीच विवाद की मुख्य बातें
अमेरिका की CENTCOM ने बताया कि 4 मई 2026 को दो अमेरिकी जहाजों ने सुरक्षित रास्ता पार किया. हालांकि, ईरान की IRGC ने इस बात से इनकार किया और कहा कि पिछले कुछ घंटों में कोई भी कमर्शियल जहाज वहां से नहीं गुजरा है. ईरान की सरकारी मीडिया ने दावा किया कि उनके सैनिकों ने एक अमेरिकी युद्धपोत पर मिसाइल दागी, लेकिन अमेरिका ने इस बात से साफ इनकार किया और कहा कि उनके किसी भी जहाज पर हमला नहीं हुआ है.
UAE के टैंकर पर हमला और जहाजों की स्थिति
- UAE ने आरोप लगाया कि ईरान के दो ड्रोन ने उनके सरकारी तेल टैंकर को निशाना बनाया.
- पिछले 24 घंटों में केवल 9 जहाजों को इस रास्ते से गुजरने की खबर मिली है.
- जर्मन शिपिंग कंपनी Hapag-Lloyd ने कहा कि नियमों में स्पष्टता न होने के कारण उनके जहाजों का वहां से जाना नामुमकिन है.
- US Treasury Secretary ने इस रास्ते को फिर से खोलने के लिए चीन से मदद मांगी है.
ईरान के नए नियम और सख्त चेतावनी
IRGC के प्रवक्ता सरदार मोहेब्बी ने कहा कि जो भी जहाज उनके नियमों को तोड़ेगा, उसे जबरन रोका जाएगा. ईरान ने Kuh-e Mobarak से फुजैराह और Qeshm आइलैंड से Umm Al Quwain तक एक नया कंट्रोल जोन बनाया है. उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी विदेशी सेना, खासकर अमेरिका के करीब आने पर उन पर हमला किया जाएगा. इस पूरे मामले में फ्रांस ने दोनों देशों से मिलकर रास्ता खोलने की अपील की है.
Frequently Asked Questions (FAQs)
Project Freedom क्या है?
यह अमेरिका की CENTCOM द्वारा 4 मई 2026 को शुरू किया गया एक ऑपरेशन है, जिसका मकसद Strait of Hormuz में कमर्शियल जहाजों के लिए रास्ता सुरक्षित करना है.
ईरान ने क्या चेतावनी दी है?
ईरान की IRGC ने कहा है कि जो जहाज उनके ट्रांजिट प्रोटोकॉल का पालन नहीं करेंगे, उन्हें जबरन रोका जाएगा और किसी भी विदेशी सेना के आने पर हमला किया जाएगा.