अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है। अमेरिकी नौसेना ने ओमान के समुद्र में ईरान के एक कमर्शियल जहाज़ ‘Toska’ को पकड़ लिया है। इस कार्रवाई के बाद ईरान की सेना यानी IRGC ने इसे ‘सशस्त्र डकैती’ करार दिया है और अमेरिका को चेतावनी दी है कि इसका जवाब जल्द दिया जाएगा।
ℹ: Iran का दावा, Strait of Hormuz से जहाजों की आवाजाही सुरक्षित, अमेरिका और इसराइल के हमले हुए फेल।
अमेरिका ने क्यों पकड़ा ‘Toska’ जहाज़ और ईरान का क्या कहना है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपनी सोशल नेटवर्क पोस्ट में बताया कि US Navy के जहाज़ USS Spruance ने ‘Toska’ पर हमला कर उसे अपने कब्ज़े में ले लिया। अमेरिका का दावा है कि यह जहाज़ अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहा था और नेवल ब्लॉकेड तोड़ने की कोशिश की। दूसरी तरफ, ईरान के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम जोल्फघारी ने कहा कि अमेरिका ने जहाज़ के नेविगेशन सिस्टम को खराब किया और कमांडो भेजकर उसे जबरन पकड़ा। ईरान ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का बड़ा उल्लंघन बताया है और अपने क्रू की रिहाई की मांग की है।
समुद्री विवाद और आने वाले खतरे क्या हैं?
ईरान ने संयुक्त राष्ट्र (UN) में शिकायत दर्ज कराई है और कहा है कि यह 8 अप्रैल 2026 के युद्धविराम का उल्लंघन है। तनाव यहीं खत्म नहीं हुआ, अमेरिका ने हिंद महासागर में तेल ले जा रहे अन्य जहाज़ों ‘Majestic X’ और ‘Tifani’ को भी रोका है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने सख्त चेतावनी दी है कि अगर किसी ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में माइन बिछाए, तो उन्हें मार गिराया जाएगा। ब्रिटेन की UKMTO ने भी जानकारी दी कि ईरान की गनबोट ने एक जहाज़ पर हमला किया जिससे उसे काफी नुकसान पहुँचा।
आम लोगों और व्यापार पर क्या होगा असर?
इस लड़ाई की वजह से होर्मुज़ जलडमरूमध्य में जहाज़ों की आवाजाही पर खतरा मंडरा रहा है। ब्रिटेन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की ओर जाने वाले जहाज़ों पर पाबंदी लगा दी है। इस खींचतान से समुद्री व्यापार प्रभावित हो सकता है, जिससे सामान की कीमतों पर असर पड़ना मुमकिन है। व्यापारियों और शिपिंग कंपनियों के बीच इस तनाव को लेकर काफी चिंता है क्योंकि क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां बढ़ गई हैं।