ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने डोनाल्ड ट्रंप को सीधा संदेश दिया है। उनके मुताबिक ट्रंप के पास अब सिर्फ दो रास्ते बचे हैं, या तो वो एक असंभव सैन्य ऑपरेशन करें या फिर ईरान के साथ एक खराब डील स्वीकार करें। यह सब उस समय हो रहा है जब पाकिस्तान के जरिए शांति की कोशिशें की जा रही हैं।
ईरान ने डोनाल्ड ट्रंप के सामने क्या शर्तें रखी हैं?
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने रविवार, 3 मई 2026 को एक आधिकारिक बयान जारी किया। इसमें कहा गया कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास अब बहुत सीमित विकल्प बचे हैं। IRGC ने राज्य टेलीविजन के जरिए बताया कि चीन, रूस और यूरोपीय देशों का रवैया अब वॉशिंगटन के प्रति बदल रहा है। इसके साथ ही ईरान ने अमेरिकी नौसेना द्वारा लगाई गई नाकाबंदी को लेकर एक डेडलाइन भी तय की है।
क्या अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता हो पाएगा?
फिलहाल पाकिस्तान दोनों देशों के बीच मध्यस्थता कर रहा है और उसने ईरान का 14 पॉइंट्स वाला शांति प्रस्ताव अमेरिका को भेज दिया है। इस मामले में मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
- ट्रंप का जवाब: 2 मई को राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि वह प्रस्ताव देख रहे हैं लेकिन वह इससे संतुष्ट नहीं हैं। उनका मानना है कि ईरान ऐसी शर्तें मांग रहा है जिन्हें वह नहीं मान सकते।
- सैन्य चेतावनी: ट्रंप ने संकेत दिया कि अगर ईरान ने गलत व्यवहार किया तो फिर से हमले शुरू किए जा सकते हैं।
- कांग्रेस को सूचना: 1 मई को ट्रंप ने अमेरिकी कांग्रेस को पत्र लिखकर कहा कि ईरान के साथ शत्रुता खत्म हो गई है। यह कदम वॉर पावर्स रेजोल्यूशन के 60 दिनों के नियम को पूरा करने के लिए उठाया गया।
इस बीच इसराइल और सैन्य अधिकारियों का क्या कहना है?
एक तरफ जहां शांति की बातें चल रही हैं, वहीं दूसरी तरफ युद्ध की तैयारियां भी जारी हैं। 3 मई 2026 को इसराइल ने अमेरिका से F-35 और F-15IA फाइटर जेट खरीदने का अरबों डॉलर का सौदा मंजूर किया है ताकि वह अपनी हवाई ताकत बढ़ा सके। वहीं, ईरान के सैन्य अधिकारी मोहम्मद जाफर असदी ने चेतावनी दी कि अमेरिका अपने वादों को पूरा नहीं करता, इसलिए दोनों देशों के बीच फिर से लड़ाई शुरू होना मुमकिन है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान ने ट्रंप को लेकर क्या बयान दिया है?
IRGC ने कहा है कि ट्रंप के पास केवल दो विकल्प हैं, या तो वह एक नामुमकिन सैन्य ऑपरेशन करें या ईरान के साथ एक खराब समझौता करें।
अमेरिका और ईरान के बीच शांति के लिए कौन मध्यस्थता कर रहा है?
पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता करा रहा है और उसने ईरान का 14-सूत्रीय शांति प्रस्ताव अमेरिका को भेजा है।