अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान ने कहा है कि वह शांति चाहता है लेकिन युद्ध के लिए भी पूरी तरह तैयार है। दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है, जिससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में डर का माहौल है और तेल की कीमतों में उछाल आया है।

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ईरान और अमेरिका के बीच विवाद की ताज़ा स्थिति क्या है?

ईरान की सरकारी प्रवक्ता Fatemeh Mohajerani ने 12 मई 2026 को एक बयान दिया। उन्होंने कहा कि ईरान अभी भी ट्रिगर दबाने के लिए तैयार है लेकिन वह बातचीत के जरिए समाधान चाहता है। उन्होंने बताया कि ईरान ने दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य शक्ति के साथ 40 दिनों तक लड़ाई लड़ी। 28 फरवरी से शुरू हुए सैन्य टकराव के बाद 8 अप्रैल को दोनों देशों के बीच युद्धविराम हुआ था।

वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के 14 सूत्री शांति प्रस्ताव को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया और इसे कचरा कहा। ट्रंप ने साफ किया है कि उनके पास अब दो ही विकल्प हैं, या तो ईरान को पूरी तरह तबाह कर दिया जाए या फिर कोई डील की जाए। ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने कहा कि अमेरिका के साथ किसी भी बातचीत का मकसद अपने अधिकारों की रक्षा करना है, सरेंडर करना नहीं।

खाड़ी देशों पर क्या असर पड़ा और हालिया घटनाएँ क्या हैं?

इस तनाव का सीधा असर Gulf देशों पर पड़ रहा है। हाल ही में Kuwait ने ईरान की IRGC से जुड़े चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने समुद्र के रास्ते घुसपैठ की कोशिश की थी। इसके अलावा, Qatar के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान बिन जसीम अल थानी ने चेतावनी दी है कि Strait of Hormuz का इस्तेमाल अन्य देशों को ब्लैकमेल करने के लिए हथियार के तौर पर न किया जाए।

  • पाकिस्तान: अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।
  • चीन: क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए अपने चार सूत्री प्रस्ताव का समर्थन कर रहा है।
  • इंटरनेट: ईरान में इंटरनेट की समस्या को वहां की सरकार ने दुश्मनों की साजिश बताया है और कहा है कि युद्ध खत्म होने पर इसे ठीक कर दिया जाएगा।
  • अर्थव्यवस्था: शांति प्रस्ताव खारिज होने के बाद ग्लोबल ऑयल मार्केट में कीमतों में बढ़ोतरी हुई है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम कब शुरू हुआ था

ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य टकराव 28 फरवरी को शुरू हुआ था और दोनों देशों के बीच युद्धविराम 8 अप्रैल से लागू हुआ था।

कुवैत में ईरान से जुड़े लोगों की गिरफ्तारी क्यों हुई

कुवैत ने ईरान की IRGC से जुड़े चार लोगों को पकड़ा है, जिन पर समुद्र के रास्ते घुसपैठ कर दुश्मन गतिविधियों को अंजाम देने की कोशिश का आरोप है।