अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बहुत बढ़ गया है। पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता नाकाम होने के बाद अब दोनों देशों के बीच हालात गंभीर हो गए हैं। ईरान ने साफ शब्दों में कह दिया है कि वह वेनेजुएला जैसा नहीं है और अमेरिका की धमकियों का उस पर कोई असर नहीं होगा।

इस्लामाबाद में शांति वार्ता क्यों नाकाम हुई?

पाकिस्तान के इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच करीब 21 घंटे तक बातचीत चली। लेकिन दोनों देशों के बीच किसी बात पर सहमति नहीं बन पाई और यह वार्ता पूरी तरह विफल रही। ईरानी अधिकारियों ने इसका कारण अमेरिका की बहुत ज़्यादा मांगें बताया है। ईरान का कहना है कि अमेरिका बातचीत के दौरान भरोसा पैदा करने में नाकाम रहा है और वह अपने परमाणु ऊर्जा के अधिकार पर कायम रहेगा।

डोनाल्ड ट्रंप ने क्या ऐलान किया है?

वार्ता खत्म होते ही पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी नौसेना तुरंत ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ (Strait of Hormuz) की नाकेबंदी शुरू करेगी। ट्रंप ने यह भी साफ किया कि अंतरराष्ट्रीय पानी में चलने वाले उन सभी जहाजों को रोका जाएगा जिन्होंने ईरान को टोल दिया होगा। इस फैसले से दुनिया भर के व्यापार और तेल की सप्लाई पर असर पड़ सकता है।

ईरान ने खुद को वेनेजुएला से अलग क्यों बताया?

ईरान का कहना है कि अमेरिका उसे वेनेजुएला की तरह दबाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन ईरान की स्थिति बहुत अलग है। ईरानी अधिकारियों और विशेषज्ञों ने कहा कि वहां की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) बहुत मजबूत है, इसलिए अमेरिका का मॉडल यहाँ काम नहीं करेगा। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने बयान दिया है कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर उनका पूरा नियंत्रण है और सैन्य जहाजों को सख्त जवाब दिया जाएगा।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.