ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है. ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि वह इस विवाद में न फंसे. इस बीच ईरान ने कई हमले किए जिससे चार हफ्ते पहले हुआ युद्धविराम अब खतरे में दिख रहा है. UAE के तेल केंद्र पर हुए हमले ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है.

UAE के फ़ुज़ैरह तेल हब पर क्या हुआ

UAE के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है कि ईरान ने मिसाइल और ड्रोन हमले किए थे. हालांकि इन हमलों को बीच में ही रोक लिया गया लेकिन एक ड्रोन हमले की वजह से फ़ुज़ैरह (Fujairah) के महत्वपूर्ण तेल हब में आग लग गई. UAE सरकार ने इस हमले को एक खतरनाक कदम और अस्वीकार्य बताया है.

  • हमला: ईरानी ड्रोन और मिसाइलों ने निशाना बनाया.
  • नुकसान: फ़ुज़ैरह तेल केंद्र में आग लगी.
  • प्रतिक्रिया: UAE ने इसे खतरनाक उकसावा कहा है.

अमेरिका और ईरान के बीच विवाद की मुख्य वजह

अमेरिका ने जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने के लिए ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ (Project Freedom) शुरू किया था. ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने इसे ‘प्रोजेक्ट डेडलॉक’ कहा और चेतावनी दी कि इस राजनीतिक संकट का कोई सैन्य समाधान नहीं है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के Adm. Brad Cooper ने बताया कि ईरानी मिसाइलों ने अमेरिकी युद्धपोतों और व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाया.

अमेरिका ने दावा किया कि उसने ईरान की 6 से 7 छोटी हमलावर नावों को तबाह कर दिया है, लेकिन ईरान ने इस बात से इनकार करते हुए कहा कि अमेरिका ने नागरिक जहाजों को नष्ट किया है. अमेरिका के डिफेंस सेक्रेटरी Pete Hegseth और जनरल Dan Caine 5 मई को सुबह 8 बजे ET पर इस मामले में प्रेस ब्रीफिंग करेंगे.

दुनिया के अन्य देशों का इस पर क्या कहना है

इस तनाव के बीच पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कड़े शब्दों में कहा कि अगर ईरान ने जहाजों पर हमला जारी रखा तो उसे दुनिया के नक्शे से मिटा दिया जाएगा. उन्होंने दक्षिण कोरिया से भी इस मुहिम में शामिल होने को कहा. वहीं सऊदी अरब ने सैन्य तनाव पर चिंता जताई और शांति की अपील की है. जर्मनी ने ईरान से दुनिया को बंधक बनाना बंद करने को कहा है. पाकिस्तान की मध्यस्थता से 8 अप्रैल को जो युद्धविराम हुआ था, वह अब टूटने की कगार पर है और इजराइल की सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

UAE के फ़ुज़ैरह में क्या हुआ था

ईरान द्वारा किए गए ड्रोन और मिसाइल हमलों के कारण UAE के फ़ुज़ैरह तेल हब में आग लग गई थी. UAE रक्षा मंत्रालय ने इन हमलों को एक खतरनाक वृद्धि बताया है.

अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की स्थिति क्या है

पाकिस्तान की मध्यस्थता से 8 अप्रैल 2026 को युद्धविराम शुरू हुआ था, लेकिन हालिया ईरानी हमलों और अमेरिकी ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ के कारण यह अब गहरे संकट में है.