ईरान और अमेरिका के बीच विवाद एक बार फिर गहरा गया है। ईरान ने संयुक्त राष्ट्र (UN) में अमेरिका पर अपने गुनाहों को छिपाने का आरोप लगाया है। हालांकि सऊदी अरब, UAE और कतर की कोशिशों से एक बड़ा सैन्य हमला टल गया, लेकिन दोनों देशों के बीच तनाव कम नहीं हुआ है। दुनिया की नजरें अब इस बात पर हैं कि क्या बातचीत से मामला सुलझेगा या युद्ध की स्थिति बनेगी।

UN में ईरान और अमेरिका के बीच क्या विवाद हुआ

ईरान के UN मिशन ने आरोप लगाया कि अमेरिका दूसरे देशों पर राजनीतिक दबाव बनाकर ईरान के खिलाफ एक प्रस्ताव लाना चाहता है। अमेरिका का कहना है कि ईरान Strait of Hormuz में गैरकानूनी तरीके से माइनिंग और टोल वसूली कर रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने इस मुद्दे पर UN महासचिव से बात की है। वहीं ईरान ने साफ कर दिया है कि Strait of Hormuz पर उसका नियंत्रण रहेगा और बिना उसकी मर्जी के कोई भी इसे पुराने हाल में नहीं ला सकता।

हमला क्यों टला और Gulf देशों की क्या भूमिका रही

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 19 मई को ईरान पर होने वाले एक बड़े सैन्य हमले को रद्द कर दिया। यह फैसला सऊदी अरब, UAE और कतर के नेताओं के अनुरोध पर लिया गया। इन देशों का मानना था कि गंभीर बातचीत चल रही है और एक समझौता हो सकता है। Trump ने बताया कि वह हमला शुरू करने के सिर्फ एक घंटे दूर थे, लेकिन फिलहाल इसे टाल दिया गया है। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समझौता नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में हमला हो सकता है।

परमाणु बातचीत और सुरक्षा की स्थिति

  • अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने कहा है कि अगर परमाणु बातचीत फेल हुई तो अमेरिका फिर से हमला करने के लिए तैयार है।
  • ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने स्पष्ट किया है कि परमाणु संवर्धन (nuclear enrichment) का अधिकार गैर-परक्राम्य है और इस पर कोई समझौता नहीं होगा।
  • ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने संकेत दिया है कि उनकी सैन्य यूनिट्स को पहले से ही जवाबी कार्रवाई के निर्देश दे दिए गए हैं।
  • अमेरिका का मानना है कि ईरान ने युद्धविराम के समय का इस्तेमाल अपनी मिसाइल सुविधाओं को फिर से ठीक करने के लिए किया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका ने ईरान पर हमला क्यों नहीं किया

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब, कतर और UAE के अनुरोध पर 19 मई को होने वाले हमले को टाल दिया ताकि बातचीत के जरिए हल निकाला जा सके।

UN में ईरान ने अमेरिका पर क्या आरोप लगाया है

ईरान का कहना है कि अमेरिका संयुक्त राष्ट्र में अपने स्वयं के अपराधों को छिपाने की कोशिश कर रहा है और दबाव डालकर ईरान के खिलाफ प्रस्ताव लाना चाहता है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.