ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ईरान ने अमेरिका पर अपने शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ झूठ और गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया है। दूसरी तरफ UAE के बराका न्यूक्लियर पावर प्लांट पर हुए ड्रोन हमले ने दुनिया की चिंता बढ़ा दी है।
UN में ईरान और अमेरिका के बीच तीखी बहस
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में ईरान के मिशन ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाए। ईरान का कहना है कि अमेरिका जानबूझकर दुनिया के सामने गलत बातें फैला रहा है। इसके जवाब में अमेरिकी राजदूत Mike Waltz ने कहा कि ईरान की खतरनाक हरकतों की वजह से दुनिया एक बड़ी परमाणु आपदा से बाल-बाल बची है। उन्होंने बताया कि ईरान के ड्रोन हमले ने UAE के बराका परमाणु संयंत्र को निशाना बनाया था। वहीं UAE ने साफ किया कि ये ड्रोन इराक से आए थे।
ट्रंप और वेंस की चेतावनी और नए प्रतिबंध
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने बताया कि उन्होंने बातचीत के चलते ईरान पर होने वाले हमले को फिलहाल रोक दिया है, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान के लिए समय तेजी से निकल रहा है। उपराष्ट्रपति JD Vance ने कहा कि अमेरिका कूटनीति की कोशिश कर रहा है, लेकिन अगर परमाणु बातचीत फेल हुई तो सेना कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है। इसी बीच 19 मई को अमेरिका ने ईरान की कई कंपनियों, व्यक्तियों और जहाजों पर नए कड़े प्रतिबंध लगाए हैं।
खाड़ी देशों का डर और चीन का भरोसा
बहरीन ने इस गंभीर स्थिति को देखते हुए सुरक्षा परिषद की इमरजेंसी मीटिंग बुलाई थी। सऊदी अरब, कुवैत, कतर और जॉर्डन जैसे देशों ने भी ईरान की बढ़ती हरकतों पर चिंता जताई है। ईरान के विदेश मंत्री Araghchi ने चेतावनी दी कि अगर युद्ध दोबारा शुरू हुआ तो इसमें कई और सरप्राइज देखने को मिलेंगे। इस तनाव के बीच चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping ने राष्ट्रपति ट्रंप को भरोसा दिलाया है कि चीन ईरान को हथियार नहीं भेजेगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
UAE के परमाणु प्लांट पर हमला कहाँ से हुआ था
UAE सरकार ने जानकारी दी कि बराका न्यूक्लियर पावर प्लांट को निशाना बनाने वाले ड्रोन इराक की तरफ से आए थे।
अमेरिका ने ईरान पर क्या नई कार्रवाई की है
अमेरिका ने 19 मई 2026 को ईरान की कुछ खास कंपनियों, व्यक्तियों और शिपिंग जहाजों पर नए आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं।
