ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की सेना और वहां के बड़े अधिकारियों का कहना है कि वे जंग के लिए पूरी तरह तैयार हैं क्योंकि उन्हें अमेरिका पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड लगातार इस बात के संकेत दे रहे हैं कि अगर बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकला तो वे पीछे नहीं हटेंगे। हालांकि दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए बातचीत की कोशिशें भी चल रही हैं।

ईरान और अमेरिका के बीच चल रही बातचीत में क्या रुकावट है?

दोनों देशों के बीच पिछले कुछ महीनों से तनाव का माहौल बना हुआ है। ईरान इस समय एक अमेरिकी शांति प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है, लेकिन बातचीत के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान की तरफ से सही जवाब नहीं मिला तो बातचीत का रास्ता जल्द ही बंद हो सकता है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने बताया कि विवादों को कम करने की कोशिश तो हो रही है, लेकिन दोनों देशों के बीच अभी भी बहुत गहरे मतभेद बने हुए हैं। ईरान का साफ कहना है कि जब तक सभी मोर्चों पर पूरी तरह युद्धविराम नहीं होता, तब तक कोई अंतिम समझौता नहीं हो सकता है।

रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की चेतावनी और पाकिस्तान की मध्यस्थता

इस पूरे मामले को सुलझाने के लिए पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं और उन्होंने ईरान का दौरा भी किया है। लेकिन ईरान की सेना यानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने साफ कर दिया है कि उनके हाथ हमेशा ट्रिगर पर हैं। सेना के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान पर दोबारा हमला हुआ तो इस बार की जंग सिर्फ इस क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगी और वे बहुत करारा जवाब देंगे। इसके अलावा Strait of Hormuz यानी हॉर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते को लेकर भी विवाद गहरा गया है, जहां अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने किसी भी आपात स्थिति के लिए ‘प्लान बी’ तैयार रखने की बात कही है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत पूरी तरह खत्म हो गई है?

नहीं, दोनों देशों के बीच पाकिस्तान की मदद से शांति समझौते को लेकर बातचीत चल रही है, लेकिन ईरान का कहना है कि अमेरिका पर भरोसा न होने के कारण वे युद्ध की तैयारी भी बराबर रख रहे हैं।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर क्या विवाद चल रहा है?

ईरान इस समुद्री व्यापारिक रास्ते पर नियंत्रण या नए टैक्स नियम लागू करना चाहता है, जिसका अमेरिका विरोध कर रहा है और अमेरिकी प्रशासन ने इसके लिए अपनी तैयारी रखने की बात कही है।