ईरान के अहवाज़ शहर के बाहरी इलाकों में मंगलवार की रात 14 जुलाई 2026 को धमाके जैसी आवाजें सुनी गईं। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA और Fars News Agency ने इन विस्फोटों की पुष्टि की है। हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर इन धमाकों की सटीक वजह साफ नहीं हो पाई है, लेकिन इस घटना ने खाड़ी देशों में तनाव को और बढ़ा दिया है।

ℹ️: Kuwait पर ईरान का बड़ा हमला, मिसाइल और ड्रोन गिरने से मची अफरातफरी, सुरक्षा को लेकर बढ़ा तनाव.

क्षेत्र में गहराया तनाव

खुज़ेस्तान प्रांत के अधिकारियों ने पुष्टि की कि 14 जुलाई को अमेरिका ने ईरान में कई ठिकानों पर स्ट्राइक की। अमेरिका के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यह कार्रवाई उभरते खतरों को खत्म करने के लिए की गई थी। इसके जवाब में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिकी कार्रवाई जारी रही, तो वे तेल और गैस का निर्यात पूरी तरह बंद कर देंगे।

कुवैत और बहरीन पर भी हुआ असर

ईरान और अमेरिका के बीच चल रही इस लड़ाई की चपेट में पड़ोसी देश भी आ गए हैं। कुवैत के सैन्य अधिकारियों ने बताया कि उनके एक नौसैनिक जहाज को निशाना बनाया गया, जिसमें चार कर्मचारी घायल हुए। कुवैत ने ईरान से दागे गए एक बैलिस्टिक मिसाइल, पांच क्रूज मिसाइल और 33 ड्रोन को इंटरसेप्ट किया है। वहीं बहरीन में भी हवाई हमले के सायरन बजने के बाद धमाके सुने गए और नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए।

अहवाज़ में पहले भी हुई है ऐसी घटनाएं

अहवाज़ शहर पिछले कुछ समय से हमलों का केंद्र बना हुआ है। बीते 9 जुलाई 2026 को अमेरिका की स्ट्राइक में तीन लोगों की मौत हो गई थी। इससे पहले 2 मार्च को गोला-बारूद डिपो में धमाका, 5 अप्रैल को अहवाज़ एयरपोर्ट पर बमबारी और 10 जून को भी धमाके जैसी आवाजें सुनाई दी थीं। फिलहाल हर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिकी नाकाबंदी के बाद हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं।

Sushma Kumari

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