ईरान और अमेरिका के बीच तनाव काफी बढ़ गया है और अब ईरानी सांसद ने अमेरिकी सैनिकों को क्षेत्र छोड़कर जाने की चेतावनी दी है। Ebrahim Azizi, जो ईरान की संसद में नेशनल सिक्योरिटी और फॉरेन पॉलिसी कमीशन के प्रमुख हैं, उन्होंने 18 जुलाई 2026 को यह बात कही है। यह तनाव लगातार 8 दिनों से जारी अमेरिकी हमलों और ईरान की जवाबी कार्रवाई के बाद और गहरा गया है।
खाड़ी देशों के एयरपोर्ट और पोर्ट पर खतरा
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दुबई और अबू धाबी के एयरपोर्ट्स के साथ-साथ Fujairah और Jebel Ali पोर्ट्स के पास रहने वाले लोगों और प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी है। ईरान ने कहा है कि अगर अमेरिका इन क्षेत्रों का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ करता है, तो उन ठिकानों को करारा जवाब दिया जाएगा। ईरान ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन पर भी मिसाइल और ड्रोन से हमले किए हैं, जिससे कुवैत की एक तेल सुविधा को नुकसान पहुंचा है और वहां की हवाई सेवाएं प्रभावित हुई हैं।
बढ़ता मानवीय और सैन्य संकट
इस संघर्ष में अब तक काफी जान-माल का नुकसान हुआ है। CENTCOM के अनुसार, जॉर्डन में एक बेस पर हुए हमले में 2 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई है और एक लापता है। अब तक कुल 16 अमेरिकी सैनिकों की जान जा चुकी है और 430 से ज्यादा घायल हैं। वहीं, ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक 27 जून से 18 जुलाई के बीच अमेरिकी हमलों में 50 लोगों की मौत हुई है और 500 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। अमेरिकी डिफेंस सेक्रेटरी Pete Hegseth ने कहा है कि उनका संकल्प कमजोर नहीं होगा, जबकि स्टेट डिपार्टमेंट ने मध्य पूर्व में रह रहे अमेरिकियों को सावधानी बरतने के लिए कहा है।
