ईरान के 6 प्रांतों में 22 जुलाई 2026 को बड़े पैमाने पर हमले हुए, जिसमें दर्जनों लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों लोग घायल हुए। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता विभाग ने इन हमलों की पुष्टि की है। इन हमलों के कारण आम लोगों की जान को खतरा बढ़ गया है और कई इलाकों में बुनियादी सुविधाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।
ℹ️: ईरान और अमेरिका में तनाव चरम पर, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दी भारी कीमत चुकाने की चेतावनी।
हमलों का आम जनजीवन पर असर
होरमोज़गन प्रांत में एक डिसैलिनेशन प्लांट के क्षतिग्रस्त होने से 20 गांवों की पानी की सप्लाई रुक गई, जिससे करीब 10,000 लोग पीने के पानी के लिए परेशान हैं। इसके अलावा, अहवाज़ में बच्चों के कैंसर अस्पताल को भी नुकसान पहुँचा है और बुशहर में परमाणु संयंत्र के पास बिजली की लाइन पर भी हमला हुआ। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, पिछले 11 दिनों में अमेरिका के हमलों में 53 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 6 महिलाएं और 3 बच्चे शामिल हैं, साथ ही लगभग 600 लोग घायल हुए हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती रार
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने चेतावनी दी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले के जवाब में अमेरिका ईरान के पुलों और बिजली संयंत्रों को निशाना बनाएगा। अमेरिका का कहना है कि ये हमले समुद्री व्यापार को सुरक्षित रखने के लिए किए जा रहे हैं। दूसरी ओर, ईरान ने भी इसका जवाब देते हुए कुवैत, जॉर्डन और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर ड्रोन हमले करने का दावा किया है। जॉर्डन की सेना ने अक़ाबा के ऊपर ईरान की 4 मिसाइलों को मार गिराया है। ईरान के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि उनके परमाणु ठिकानों पर हमला हुआ, तो यह युद्ध का दायरा और बढ़ा देगा, जिसके गंभीर क्षेत्रीय परिणाम होंगे।
