खाड़ी देशों में इस समय हालात काफी तनावपूर्ण हो गए हैं। 13 जुलाई 2026 को ईरान के बंदर अब्बास शहर में एयर डिफेंस सिस्टम को एक्टिवेट किया गया और ईरान की सेना ने दावा किया कि उन्होंने एक अमेरिकी ड्रोन को मार गिराया है। इसी के साथ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कुछ जहाजों को भी निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आई हैं।
📰: Iran और US के बीच बढ़े तनाव का असर, होर्मुज जलडमरूमध्य में मिसाइल और ड्रोन हमलों से थर्राया इलाका।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती सैन्य हलचल
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि 12 जुलाई को उन्होंने ईरान के रडार, मिसाइल और ड्रोन ठिकानों पर हमले किए थे। अमेरिका का कहना है कि वे होर्मुज की खाड़ी में जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित रखने के लिए ये कदम उठा रहे हैं। इसके जवाब में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उन्होंने कुवैत, बहरीन और कतर में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया है।
क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर
ईरान का दावा है कि उन्होंने कुवैत के अली अल सलेम एयर बेस पर फ्यूल टैंक और पैट्रियट मिसाइल सिस्टम को काफी नुकसान पहुंचाया है। इस तनाव को देखते हुए बहरीन ने अपने नागरिकों के लिए चेतावनी जारी की है और सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है और चेतावनी दी है कि जो भी देश अपनी जमीन का इस्तेमाल अमेरिका को करने देंगे, वे उनके निशाने पर होंगे। इस स्थिति के चलते खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले प्रवासियों के बीच भी चिंता का माहौल है क्योंकि राजनयिक बातचीत के रास्ते अब और भी ज्यादा मुश्किल होते दिख रहे हैं।
