ईरान के बंदर अब्बास शहर के पास 16 जुलाई 2026 को शाम के वक्त संदिग्ध प्रोजेक्टाइल गिरने की खबर सामने आई है। ईरान की IRNA न्यूज एजेंसी के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव अपने चरम पर है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि राष्ट्रपति Donald Trump के आदेश पर अमेरिकी सेना ने ईरान के कमांड सेंटर, एयर डिफेंस और मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाया है।

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तनाव के पीछे की असली वजह

अमेरिकी सेना ने बताया कि इन हमलों का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलना और ईरान की समुद्री व्यापार में बाधा डालने की क्षमता को कम करना है। ईरान की तरफ से इस जलडमरूमध्य को बंद किए जाने के बाद से ही स्थिति बिगड़ी हुई है। जवाबी कार्रवाई में IRGC ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले करने का दावा किया है। इसके अलावा, ईरान ने खूज़ेस्तान प्रांत में एक अमेरिकी MQ-9A Reaper ड्रोन को मार गिराने की भी सूचना दी है।

आम लोगों और अस्पतालों पर असर

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने बताया कि अहवाज़ में स्थित Shahid Baqaei अस्पताल, जो बच्चों के कैंसर का इलाज करता है, उसके पास हमला हुआ, जिससे 211 मरीजों को वहां से सुरक्षित बाहर निकालना पड़ा। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, इस पूरे सैन्य टकराव में कम से कम 35 आम नागरिकों की मौत हुई है और बम्पूर काउंटी में ईरान के 7 सैनिक भी मारे गए हैं। हालांकि, बंदर अब्बास में किसी तरह के नुकसान की कोई सूचना नहीं है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.