ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा सैन्य टकराव अब और गहरा गया है। 14 और 15 जुलाई को अमेरिका के CENTCOM ने ईरान के मिसाइल ठिकानों, ड्रोन साइट्स और नौसैनिक अड्डों पर कई राउंड हवाई हमले किए। इस दौरान 170 से अधिक ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिसमें 30 से अधिक लोगों की जान जाने की खबर है और 260 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
🗞️: Strait of Hormuz पर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव, US के हमलों के बाद ईरान ने दी धमकी.।
ईरान का जवाबी हमला और क्षेत्र में खलबली
ईरान ने भी अपनी प्रतिक्रिया में बहरीन, कुवैत और जॉर्डन पर हमले किए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 14 जुलाई को कुवैत को निशाना बनाकर ड्रोन और मिसाइलें दागी गईं, जबकि जॉर्डन ने अपनी सीमा में प्रवेश करने वाली 3 मिसाइलों को मार गिराया। इसके बाद, ईरान के IRGC ने धमकी दी कि वे उन सभी एक्सपोर्ट कॉरिडोर को बंद कर देंगे जो अमेरिका के लिए फायदेमंद हैं और Strait of Hormuz को तब तक बंद रखा जाएगा जब तक अमेरिका अपने हमले नहीं रोकता।
अमेरिकी नाकाबंदी और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध
15 जुलाई को अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों पर एक बार फिर नौसेना नाकाबंदी लागू कर दी है। अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि पिछले एक हफ्ते में ईरान ने 7 कमर्शियल जहाजों पर हमले किए हैं, जिनमें करीब एक दर्जन लोगों की मौत हुई है या वे लापता हैं। तनाव को देखते हुए अमेरिका ने ईरान, रूस और नाइजीरिया से जुड़े कुछ लोगों और संस्थाओं पर नए प्रतिबंध भी लगाए हैं।
वार्ता और भविष्य की स्थिति
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को चेतावनी दी है कि यदि कोई समझौता नहीं हुआ तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी वह बातचीत के मूड में नहीं हैं। दूसरी ओर, Iraqi Prime Minister Ali al-Zaidi ने Washington में मुलाकात की, जहाँ 30 सितंबर तक इराक से अमेरिकी सेना की पूर्ण वापसी पर चर्चा हुई। इस दौरान अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने इराक को चेतावनी दी कि वे ईरान समर्थक सशस्त्र समूहों को हथियार डाल देने के लिए कहें।
