ईरान और अमेरिका के बीच हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। 18 जुलाई 2026 को ईरान की संसद के नेशनल सिक्योरिटी कमीशन के प्रमुख Ebrahim Azizi ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिकी सैनिक ईरान की असल ताकत को समझ लें, तो वे वहां एक सेकंड भी रुकने की हिम्मत नहीं करेंगे और तुरंत भाग जाएंगे।
अमेरिका पर बरसे ईरान के सुप्रीम लीडर
ईरान के सुप्रीम लीडर Ayatollah Mojtaba Khamenei ने अमेरिका को Great Satan कहा है। उन्होंने Donald Trump द्वारा किए गए 14-पॉइंट मेमोरेंडम को पूरी तरह बेकार बताया। ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका बार-बार वादे तोड़ रहा है और इसी वजह से उसने Islamabad Memorandum of Understanding के तहत अपने वादों को मानना फिलहाल बंद कर दिया है।
लगातार हो रहे हमले और बढ़ता खतरा
क्षेत्र में सैन्य हलचल तेज है। 17 जुलाई को जॉर्डन में ईरान के ड्रोन और मिसाइल हमलों में दो अमेरिकी सैनिक मारे गए और एक लापता है। इसके जवाब में President Trump के आदेश पर अमेरिका ने लगातार आठवीं रात ईरान के ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की। इन हमलों का लक्ष्य होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उन ताकतों को रोकना है जो परमाणु हथियार हासिल करना चाहती हैं।
तनाव के बीच ईरान ने Kuwait के तेल और बिजली संयंत्रों पर भी हमले किए हैं। हालांकि CENTCOM ने होर्मुज में तेल टैंकर फटने की खबरों को नकार दिया है। फिलहाल US State Department ने मिडिल ईस्ट में रह रहे अपने नागरिकों के लिए हाई अलर्ट जारी किया है, क्योंकि हालात किसी भी समय खराब हो सकते हैं।
