ईरान के Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने 17 जुलाई 2026 को अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी नौसेना के जहाज अब उनकी निगरानी में हैं। ईरान ने अमेरिका के लिए एक जीरो आवर की चेतावनी जारी की है, जिससे पूरे क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब दोनों देशों के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है।

क्या है मामला और ईरान के दावे

ईरान की सेना ने दावा किया है कि उन्होंने हिंद महासागर में एक अमेरिकी जहाज पर क्रूज मिसाइलें दागीं, जिसके बाद अमेरिकी जहाजों को पीछे हटना पड़ा। ईरान का यह भी कहना है कि उन्होंने Strait of Hormuz के पास से गुजर रहे चार जहाजों को रोका है, जिनके बारे में उनका आरोप है कि उन्हें अमेरिकी सैन्य समर्थन मिल रहा था। ईरान के Aerospace Force कमांडर Seyed Majid Mousavi ने स्पष्ट किया कि जब तक खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य में शांति नहीं लौटती, तब तक उनके हमले जारी रहेंगे।

अमेरिका का जवाब और मौजूदा स्थिति

अमेरिका के CENTCOM ने इन दावों पर सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने 16 जुलाई 2026 को ईरान के Shahid Kalantari Port पर एक सर्विलांस टॉवर को नष्ट किया है, जो जहाजों की जासूसी के काम में इस्तेमाल हो रहा था। अमेरिकी कमांडर Admiral Brad Cooper ने ईरान पर सात कमर्शियल जहाजों पर हमले और खाड़ी देशों की ओर मिसाइलें दागने का आरोप लगाया है। सुरक्षा के मद्देनजर अमेरिका ने ईरान पर फिर से नौसैनिक नाकेबंदी लागू कर दी है और ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। इस तनाव का सीधा असर समुद्री व्यापार पर पड़ा है और बीते 10 दिनों से Strait of Hormuz से गुजरने वाले ट्रैफिक में भारी गिरावट देखी गई है।

Sushma Kumari

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