ईरान के होर्मोज़गन प्रांत में शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 को अमेरिकी सेना ने हवाई हमले किए। यह लगातार छठा दिन है जब अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों पर बमबारी की है। इन हमलों में Kohorestan और Giriveh ब्रिज को निशाना बनाया गया, जिससे वहां के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों में दो लोगों की मौत हुई और चार लोग घायल हो गए।
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हमलों में बढ़ती हताहतों की संख्या
ईरान के सरकारी टीवी चैनलों ने बताया कि रात भर चले हमलों में कुल सात लोगों की मौत हुई है। होर्मोज़गन प्रांत के पुलों के अलावा, Bandar Abbas Railway Junction Station पर भी हमले हुए, जिसमें दो लोग जख्मी हुए। अमेरिकी सेना के CENTCOM ने कहा कि उनका मकसद ईरान की सैन्य क्षमता को कम करना है, ताकि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को सुरक्षित रखा जा सके।
ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया
ईरान के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों को युद्ध अपराध करार दिया है। वहीं, ईरान के Khatam al-Anbiya मुख्यालय के प्रवक्ता कर्नल Ebrahim Zolfaghari ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका पुलों और बिजली संयंत्रों को निशाना बनाना बंद नहीं करेगा, तो ईरान भी क्षेत्र के बुनियादी ढांचे पर बड़ा हमला कर सकता है। जवाबी कार्रवाई में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने जॉर्डन में स्थित एक अमेरिकी एयरबेस पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख Volker Türk ने नागरिकों और नागरिक सुविधाओं पर हो रहे हमलों को लेकर चिंता जताई है।
