ईरान के होर्मोज्गन प्रांत में 13 जुलाई 2026 को कई धमाकों की आवाज सुनी गई। IRNA समाचार एजेंसी के अनुसार, बंदर अब्बास और कशम द्वीप के आसपास ये विस्फोट हुए। अमेरिकी सेना द्वारा क्षेत्र में नए हमले शुरू करने के बाद ईरान के कई शहरों में ऐसी घटनाएं सामने आईं। इस तनाव के बीच कशम के गवर्नर हुसैन अमीर-तेमूरी ने बताया कि द्वीप पर 10 से 11 प्रोजेक्टाइल गिरे, हालांकि इसमें कोई नागरिक हताहत नहीं हुआ।
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हमलों का सिलसिला और सुरक्षा स्थिति
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने दावा किया कि उन्होंने बहरीन स्थित Shaikh Isa Air Base समेत कई ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल से बड़े हमले किए। IRGC ने दावा किया कि उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले दो जहाजों को भी रोका। दूसरी तरफ, अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) के प्रवक्ता टिम हॉकिन्स ने पुष्टि की कि अमेरिका ने ईरान के ठिकानों पर हमले किए हैं, जिसका मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री यातायात की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोहराया है कि यह जलमार्ग खुला है।
क्षेत्रीय देशों पर प्रभाव और जनहानि
इस संघर्ष में आम लोगों को भी नुकसान उठाना पड़ा है। फारुर द्वीप पर एक दूरसंचार कंपनी के निदेशक नूह महदावी की मौत हुई और दो लोग घायल हुए। इसके अलावा खुजेस्तान प्रांत के बंदर-ए माशहर में एक व्यक्ति की जान गई और चार घायल हुए। नयिन में भी एक व्यक्ति की मौत और सात लोगों के घायल होने की खबर है। जॉर्डन, कुवैत और बहरीन ने भी अपने यहां मिसाइल अलर्ट और संदिग्ध गतिविधियों को रोकने की पुष्टि की है, जिससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में चिंता का माहौल है।
