अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। 18 जुलाई 2026 को ईरान ने आधिकारिक रूप से इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) के तहत अपनी सभी प्रतिबद्धताओं को निलंबित करने का ऐलान कर दिया है। ईरान का आरोप है कि अमेरिका लगातार समझौते की शर्तों का उल्लंघन कर रहा है। इसके जवाब में अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने बड़ी बेबाकी से कहा कि उन्हें ईरान के इस फैसले से कोई फर्क नहीं पड़ता।

समझौते का अंत और बढ़ता सैन्य तनाव

ईरान के उप विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने सार्वजनिक रूप से पुष्टि की है कि उनका देश अब समझौते को लागू करने के बजाय अपनी रक्षा पर ध्यान केंद्रित करेगा। ईरान के सर्वोच्च नेता Mojtaba Khamenei ने भी राष्ट्रपति ट्रंप पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके हस्ताक्षर की कोई विश्वसनीयता नहीं बची है। आपको बता दें कि जून 2026 में पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुए इस 14-सूत्रीय समझौते का उद्देश्य खाड़ी क्षेत्र में शांति बहाल करना और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना था।

बढ़ती सैन्य कार्रवाई और हताहतों के आंकड़े

ट्रंप ने पहले ही 8 जुलाई को इस समझौते को खत्म होने की बात कह दी थी और अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले के आदेश दिए थे। इस संघर्ष का सीधा असर आम लोगों पर भी पड़ा है। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, 6 जुलाई से शुरू हुए अमेरिकी हमलों में अब तक कम से कम 50 लोगों की मौत हुई है और 500 से अधिक लोग घायल हुए हैं। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि ईरान ने सऊदी अरब पर मिसाइल हमला किया है, जिसे अमेरिकी हमलों का सीधा जवाब माना जा रहा है। साथ ही, ईरान ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 का हवाला देते हुए अपनी रक्षा का अधिकार जताया है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.