ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा तनाव अब और बढ़ गया है। 16 जुलाई 2026 को व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने कहा कि ईरान अभी भी अमेरिका के साथ बातचीत करना चाहता है और एक डील के लिए तैयार है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump का कहना है कि ईरान को उसके हर गलत कदम के लिए जवाबदेह ठहराया जाएगा।

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तनाव के पीछे की असली वजह

अमेरिका ने ईरान पर आरोप लगाया है कि उसने Strait of Hormuz में कमर्शियल जहाजों पर हमला न करने के समझौते का उल्लंघन किया है। इसके जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकेबंदी की है और Tehran के आसपास सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। वहीं, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने बातचीत की किसी भी योजना से इनकार किया है और कहा है कि अब वे किसी भी पुराने समझौते के लिए बाध्य नहीं हैं।

खाड़ी देशों में सुरक्षा की चिंता

ईरान के सैन्य बलों ने Kuwait, Bahrain और Jordan में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों से हमले किए हैं। ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका अपना अभियान बढ़ाता है, तो वे क्षेत्रीय बुनियादी ढांचे को और निशाना बनाएंगे। इस संघर्ष के बीच Pakistan, Qatar और Egypt तनाव कम करने के लिए मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं। फिलहाल, Strait of Hormuz को ईरानी जहाजों के अलावा अन्य यातायात के लिए खुला रखा गया है।

Aanya

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