अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध के हालात बहुत गंभीर हो गए हैं और इसका सीधा असर अब दुनिया भर के बाजारों पर दिखने लगा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को आज रात तक का आखिरी समय दिया है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोल दे। इस तनाव की वजह से ग्लोबल शेयर बाजार गिर गए हैं और कच्चे तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई हैं। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और व्यापार पर भी इस अनिश्चितता का बुरा असर पड़ रहा है क्योंकि कई हवाई अड्डे और रास्ते प्रभावित हुए हैं।

ट्रंप की आखिरी चेतावनी और ईरान का सख्त रुख

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर मंगलवार रात 8 बजे तक रास्ता नहीं खोला गया, तो अमेरिकी सेना ईरान के सभी बिजली घरों और मुख्य पुलों को निशाना बनाएगी। ट्रंप ने साफ कहा है कि वह इस कार्रवाई के दौरान अंतरराष्ट्रीय नियमों या युद्ध अपराधों की चिंता नहीं करेंगे। दूसरी तरफ, ईरान ने पाकिस्तान की ओर से सुझाए गए युद्धविराम के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। ईरान का कहना है कि रास्ता तभी खुलेगा जब उन पर से पाबंदियां हटाई जाएंगी और युद्ध में हुए नुकसान का हर्जाना दिया जाएगा। ईरान की मीडिया का दावा है कि उनके देश के 14 लाख लोग युद्ध के लिए तैयार हैं।

जंग से अब तक हुए नुकसान का पूरा ब्यौरा

इस संघर्ष में अब तक भारी जान-माल का नुकसान हुआ है जिसका असर मिडिल ईस्ट के कई देशों पर पड़ा है। पिछले 24 घंटों में इजरायल ने तेहरान और ईरान के कई शहरों में मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। जवाब में ईरान ने भी इजरायल और खाड़ी के कुछ पड़ोसी देशों की तरफ मिसाइलें दागी हैं।

क्षेत्र/देश मृतकों/घायलों की जानकारी
ईरान 1900 से ज्यादा लोगों की मौत हुई
लेबनान 1400 से ज्यादा लोगों की मौत हुई
अमेरिकी सेना 13 जवानों की मौत और 373 घायल
इजरायल 11 सैनिक और 23 आम नागरिकों की मौत
खाड़ी देश दो दर्जन से ज्यादा लोगों की मौत

खाड़ी देशों में रहने वालों के लिए मौजूदा हालात

  • सऊदी अरब और बहरीन को जोड़ने वाले किंग फहद कॉजवे को खतरे के चलते कुछ समय के लिए बंद किया गया था।
  • बहरीन का मुख्य हवाई अड्डा पिछले कई हफ्तों से ईरानी हमलों के डर से बंद पड़ा है।
  • इजरायली सेना ने ईरान के नागरिकों को चेतावनी दी है कि वे रेलवे स्टेशनों और रेल लाइनों से दूर रहें।
  • कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य बेस पर भी ड्रोन हमला हुआ है जिसमें कई सैनिक घायल हुए हैं।
  • संयुक्त राष्ट्र और फ्रांस ने चेतावनी दी है कि नागरिक ठिकानों पर हमला करना अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है।
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.