ईरान ने रविवार, 26 जुलाई 2026 को अपने सैन्य अभियानों को रोकने की घोषणा की है। यह फैसला पिछले दो दिनों से अमेरिका द्वारा हवाई हमले न करने के बाद लिया गया है। पिछले करीब दो हफ्तों से दोनों देशों के बीच लगातार जवाबी हमले चल रहे थे, जिससे पूरे क्षेत्र में डर का माहौल बना हुआ था। ईरान की सेना के प्रवक्ता मोहम्मद अकरमनिया ने साफ कहा है कि उनकी तरफ से अब हमले पूरी तरह बंद कर दिए गए हैं।
शांति के लिए ओमान की कोशिशें
क्षेत्र में बढ़ते युद्ध को रोकने के लिए ओमान दोनों देशों के बीच बातचीत कराने की कोशिश कर रहा है। मुख्य रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को दोबारा खोलने और उसके सही प्रबंधन पर चर्चा की जा रही है। ईरान की संसद में भी इस जलमार्ग को लेकर एक नए कानून पर विचार किया जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ने अपने मिसाइल भंडार में कमी आने के बाद हमलों को रोका है। उपराष्ट्रपति JD Vance और जनरल Dan Caine ने इस बारे में चेतावनी दी थी कि उनके पास पेट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइल कम हो रहे हैं, खासकर जॉर्डन में हालिया घटना के बाद जहां 3 अमेरिकी सैनिक मारे गए थे।
क्षेत्रीय हालात और पाबंदियां
भले ही अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कुछ कम हुआ है, लेकिन यमन के हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच हमले अभी भी जारी हैं। ईरान की सेना ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने फिर से हमला किया तो युद्ध फिर से भड़क सकता है। दूसरी तरफ, CENTCOM ने पुष्टि की है कि ईरानी बंदरगाहों पर लगी नौसैनिक नाकेबंदी अभी भी लागू है। अमेरिकी सेना ने ओमान की खाड़ी में एक मोजाम्बिक झंडे वाले टैंकर को भी रोक दिया था जो इस नाकेबंदी को तोड़ने की कोशिश कर रहा था। फिलहाल राष्ट्रपति Donald Trump स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और इजरायली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu की वाशिंगटन यात्रा को लेकर भी कूटनीतिक हलचल तेज है।
