मिडिल ईस्ट में तनाव काफी बढ़ गया है। 9 जुलाई से 12 जुलाई 2026 के बीच ईरान ने Kuwait, Bahrain, Qatar और UAE के कई ठिकानों को निशाना बनाकर आत्मघाती ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं। इन हमलों में Patriot मिसाइल सिस्टम, रडार साइट्स और अमेरिकी सेना के फ्यूल स्टोरेज को नुकसान पहुँचा है। Kuwait ने अपनी सीमा में कई मिसाइलें और ड्रोन इंटरसेप्ट किए, जबकि जॉर्डन में भी सायरन बजने की खबर है।

अमेरिका की जवाबी कार्रवाई और होर्मुज का बंद होना

अमेरिका ने भी पलटवार करते हुए ईरान के लगभग 140 सैन्य ठिकानों पर हमला किया है। इसमें मिसाइल फैसिलिटी, नौसैनिक अड्डे और संचार केंद्र शामिल हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के साथ संघर्ष विराम को खत्म घोषित कर दिया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए, 12 जुलाई को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने Strait of Hormuz को अनिश्चित काल के लिए बंद करने का ऐलान कर दिया है।

क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर

ईरान के इस कदम से समुद्री रास्ते पर व्यापार और तेल की आवाजाही पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। ईरानी विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने ओमान का दौरा कर ट्रांजिट पर बातचीत की, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकला है। खाड़ी के देशों जैसे UAE, Qatar, Bahrain और Kuwait ने लगातार आ रहे हवाई खतरों को रोकने की पुष्टि की है। इस तनाव का सीधा असर वहां रह रहे प्रवासियों और कामगारों की सुरक्षा पर पड़ रहा है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.