ईरान और अमेरिका में भीषण तनाव, ट्रंप के अल्टीमेटम के बाद ईरान ने दी बिजली और पानी के प्लांट उड़ाने की चेतावनी
ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध जैसे हालात बन रहे हैं और तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का समय देते हुए धमकी दी थी कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को व्यापार के लिए पूरी तरह नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के ऊर्जा ग्रिड और बिजली घरों को निशाना बनाएगा। इस समय सीमा के करीब आने के साथ ही ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने भी कड़ी जवाबी कार्रवाई का ऐलान किया है। ईरान का कहना है कि अगर उसके बुनियादी ढांचे पर हमला हुआ, तो वे पूरे क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और सहयोगी देशों की ऊर्जा और पानी की सप्लाई को निशाना बनाएंगे।
ट्रंप की 48 घंटे की चेतावनी और ईरान का रुख क्या है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार 21 मार्च को ईरान को चेतावनी दी थी कि अगर होर्मुज की खाड़ी का रास्ता साफ नहीं किया गया, तो ईरान के सबसे बड़े बिजली घरों को मिटा दिया जाएगा। राष्ट्रपति ट्रंप ने अन्य देशों से भी समुद्री रास्ते को सुरक्षित करने में मदद मांगी है। इसके जवाब में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने 23 मार्च को कहा कि धमकियां ईरान को और एकजुट करेंगी और देश किसी भी हमले का मजबूती से सामना करेगा। ईरान ने स्पष्ट किया है कि जब तक उसके क्षतिग्रस्त होने वाले पावर प्लांट दोबारा नहीं बन जाते, तब तक होर्मुज का रास्ता बंद ही रखा जाएगा।
क्षेत्र में किन बुनियादी ढांचों पर है ईरान की नजर?
ईरानी सैन्य प्रवक्ता इब्राहिम जोलफाकरी और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गलीबाफ ने चेतावनी दी है कि ईरान की जवाबी कार्रवाई बहुत व्यापक होगी। खाड़ी देशों में रह रहे प्रवासियों और नागरिकों के लिए यह स्थिति चिंताजनक हो सकती है क्योंकि ईरान ने निम्नलिखित को निशाना बनाने की बात कही है:
- पूरे मध्य पूर्व में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बिजली देने वाले ऊर्जा केंद्र।
- क्षेत्र के महत्वपूर्ण देशों के आईटी (IT) और सूचना प्रौद्योगिकी नेटवर्क।
- खाड़ी देशों में पीने के पानी की सप्लाई करने वाले डिसेलिनेशन (Desalination) प्लांट।
- इजरायल के ऊर्जा केंद्र और महत्वपूर्ण सरकारी ठिकाने।
वर्तमान स्थिति और अंतरराष्ट्रीय हलचल
व्हाइट हाउस के अनुसार, नाटो (NATO) के सहयोगी देश अब होर्मुज जलडमरूमध्य को खुलवाने के लिए अमेरिका की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। यूके, फ्रांस, जर्मनी और यूएई जैसे देशों ने इस समुद्री मार्ग के बंद होने की कड़ी निंदा की है। पिछले 24 घंटों में तनाव और बढ़ गया है क्योंकि ईरान ने इजरायल के पास मिसाइल हमले किए हैं और अमेरिकी ठिकानों की ओर भी बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने फिलहाल किसी परमाणु केंद्र के नुकसान की पुष्टि नहीं की है।
| महत्वपूर्ण जानकारी | अपडेट |
|---|---|
| अमेरिकी अल्टीमेटम की अवधि | 48 घंटे (21 मार्च से शुरू) |
| विवाद का मुख्य कारण | Strait of Hormuz का बंद होना |
| ईरान के संभावित निशाने | Power Plants, Water Desalination, IT Systems |
| सहयोगी देश | UK, France, UAE, Bahrain, NATO |




