ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा तनाव अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। बुधवार, 22 जुलाई 2026 को ईरान के लराक आइलैंड के पास हॉर्मुज जलडमरूमध्य में कई धमाके सुने गए। ईरानी समाचार एजेंसियों ने इसे अमेरिकी मिसाइल हमला बताया है, जिसके बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है।
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क्षेत्र में बढ़ी बेचैनी और सैन्य गतिविधियां
धमाकों का असर केवल लराक आइलैंड तक सीमित नहीं रहा। सिरिक, केशम आइलैंड और ईरान के बुशहर प्रांत में भी धमाके रिपोर्ट किए गए हैं, जहां देश का एकमात्र परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थित है। हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने बुशहर में किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान से इनकार किया है। वहीं, तेहरान में ईरान ने अपनी वायु रक्षा प्रणाली (एयर डिफेंस) को सक्रिय कर दिया है।
इन घटनाओं के बीच, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे तीन तेल टैंकरों को रोक लिया है और क्षेत्र पर अपनी पकड़ मजबूत करने का दावा किया है। साथ ही, IRGC ने जॉर्डन में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर हमले की भी बात कही है।
अमेरिका और अन्य देशों की प्रतिक्रिया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने हॉर्मुज में किसी भी जहाज को निशाना बनाया, तो अमेरिका ईरान के बुनियादी ढांचे जैसे कि पुल और बिजली संयंत्रों को नष्ट कर देगा। अमेरिकी सेंट्रल कमांड लगातार 12वीं रात से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर रही है ताकि नागरिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इस पूरे मामले पर संयुक्त राष्ट्र ने चिंता जताई है कि मध्य पूर्व की स्थिति नियंत्रण से बाहर हो रही है। सऊदी अरब और बहरीन में भी खतरे को देखते हुए सायरन बजाए गए हैं, जिससे वहां रह रहे आम लोगों में डर का माहौल है। जॉर्डन की सेना ने भी ईरान से आए कई मिसाइलों और ड्रोन्स को हवा में ही मार गिराया है।
