Iran-US Tension: ईरान ने अमेरिका को दी खुली चेतावनी, कहा- होर्मुज जलडमरूमध्य से नहीं जाने देंगे एक भी बूंद तेल.

खाड़ी देशों में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और अमेरिका तथा ईरान के बीच आर्थिक प्रतिबंधों को लेकर हालात काफी गंभीर हो चुके हैं। 23 अगस्त 2026 को ईरानी अधिकारियों ने अमेरिका के आर्थिक दबाव के खिलाफ सख्त चेतावनी जारी की और अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों को पुराना और डराने वाला तरीका बताया। विदेश मंत्री Seyyed Abbas Araghchi ने अमेरिका की आर्थिक डी-डे योजना और सबसे कड़े आर्थिक अभियान को एक असफल नीति करार देते हुए इसे आर्थिक आतंकवाद बताया है। इस बढ़ते तनाव का असर क्षेत्र में रहने वाले लोगों और व्यापार पर भी पड़ रहा है, जिससे आम जनता की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता टकराव
देश के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने यह बात स्वीकार की है कि इन प्रतिबंधों की वजह से देश को गंभीर आर्थिक मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद वह समाधान के लिए जून महीने में अमेरिका के साथ हुए समझौता ज्ञापन यानी MoU को एक सम्मानजनक रास्ता मानते हैं। वहीं दूसरी तरफ, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने आने वाले नए प्रतिबंधों को अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ और गैर-कानूनी बताया है। उनका कहना है कि यह अमेरिका की तरफ से दूसरे देशों पर अपनी ताकत दिखाने जैसा है, जिसका कोई कानूनी आधार नहीं है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की बड़ी चेतावनी
मामले को और गंभीर बनाते हुए सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव Mohsen Rezaei ने कड़ी चेतावनी दी है कि जो भी देश अमेरिका के नेतृत्व वाले इन प्रतिबंधों का साथ देगा, उसे ईरान का दुश्मन माना जाएगा और ईरान उनके हितों को निशाना बना सकता है। उन्होंने यह भी धमकी दी कि अगर क्षेत्रीय पड़ोसी देश इस आर्थिक युद्ध में शामिल हुए, तो Strait of Hormuz से होकर तेल की एक भी बूंद बाहर नहीं जाने दी जाएगी। यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर होर्मुज जलडमरूमध्य को नया अमेरिकी क्षेत्र घोषित करने वाला नक्शा साझा किए जाने के बाद आया है।
अंतर्राष्ट्रीय कूटनीति और तेल निर्यात पर असर
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent इस सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं, जिसमें इतिहास के सबसे कड़े प्रतिबंधों की पूरी जानकारी दी जाएगी और चीन से भी अमेरिकी नीतियों का समर्थन करने की अपील की जाएगी। इस बड़े संकट के बीच कूटनीति प्रयास भी तेज हो गए हैं। मिस्र के विदेश मंत्री ने शनिवार को अपने ईरानी समकक्ष से फोन पर बात करके संभावित बातचीत का रास्ता निकालने की कोशिश की। इसके अलावा, पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल Asim Munir भी क्षेत्रीय सुरक्षा और मध्यस्थता पर चर्चा करने के लिए 24 अगस्त 2026 को तेहरान पहुंचने वाले हैं। ईरान के सेंट्रल बैंक गवर्नर ने बताया है कि देश का तेल निर्यात लगभग शून्य पर पहुंच गया है, जिससे विदेशी मुद्रा की भारी कमी हो गई है, हालांकि तेहरान ने हाल ही में कुछ चुनिंदा इराकी तेल टैंकरों को इस रास्ते से गुजरने की अनुमति दी है।