ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान के उपराष्ट्रपति मोहम्मद रज़ा आरफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ़ कहा कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य की सुरक्षा मुफ्त नहीं है और अमेरिका ईरान के तेल निर्यात को रोककर दूसरों के लिए मुफ्त सुरक्षा की उम्मीद नहीं कर सकता।

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ईरान और अमेरिका के बीच विवाद की मुख्य वजह क्या है?

अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य और राजनयिक टकराव बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर सीज़फायर तोड़ने और ब्रिटिश व फ्रांसीसी जहाजों पर हमला करने का आरोप लगाया है। दूसरी तरफ, अमेरिका ने 19 अप्रैल 2026 को अरब सागर में ईरान के एक मालवाहक जहाज “TOUSKA” को रोका, जिसे ईरान ने अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया है।

ईरानी नेताओं ने अपनी मांगों को लेकर क्या कहा?

ईरान के उपराष्ट्रपति मोहम्मद रज़ा आरफ ने कहा कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य का नियंत्रण ईरान के हाथों में रहना चाहिए। संसद स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति के बयानों को झूठ बताया और कहा कि ईरान अपनी मांगों को पूरा करने के लिए कूटनीति और ताकत दोनों का इस्तेमाल करेगा। ब्रिगेडियर जनरल इब्राहिम ज़ोल्फघारी ने चेतावनी दी कि जब तक अमेरिका पाबंदियां नहीं हटाता, यह जलमार्ग ईरान के सख्त नियंत्रण में रहेगा।

तनाव से जुड़ी महत्वपूर्ण तारीखें और घटनाक्रम

तारीख घटना/बयान
12 अप्रैल 2026 उपराष्ट्रपति आरफ ने अपने अधिकारों की रक्षा की बात कही
18 अप्रैल 2026 ईरान ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य पर अपने कानूनी अधिकार का दावा किया
19 अप्रैल 2026 अमेरिकी सेना ने ईरानी जहाज “TOUSKA” को इंटरसेप्ट किया
19 अप्रैल 2026 आरफ ने कहा कि जलमार्ग का प्रबंधन ईरान के हाथ में होना चाहिए
20 अप्रैल 2026 आरफ ने कहा कि हॉर्मुज़ की सुरक्षा मुफ्त नहीं है
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com