अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को कम करने के लिए राजनयिक स्तर पर प्रयास तेज हो गए हैं। दोनों देशों के बीच जारी युद्ध का आज 85वां दिन है और 8 अप्रैल से लागू युद्धविराम का अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका है। इसी बीच ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची और संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के बीच फोन पर बातचीत हुई है। इस बातचीत में पाकिस्तान की मध्यस्थता में चल रही राजनयिक प्रक्रिया और क्षेत्र के ताजा हालातों पर विस्तार से चर्चा की गई है।

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख और ईरान के विदेश मंत्री के बीच क्या बातचीत हुई?

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने बातचीत के दौरान अमेरिका पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका लगातार जरूरत से ज्यादा मांगें रख रहा है और उसने कूटनीति के साथ विश्वासघात किया है। अराघची ने साफ किया कि ईरान अपनी सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य में दुश्मन देशों के जहाजों के आने-जाने पर रोक लगाने को ईरान का कानूनी अधिकार बताया है।

दूसरी तरफ, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने किसी भी देश की क्षेत्रीय अखंडता के खिलाफ ताकत के इस्तेमाल का विरोध किया है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के नियमों का पालन करने और शांति के लिए राजनयिक बातचीत जारी रखने पर जोर दिया है। इस संकट को सुलझाने के लिए गुटेरेस ने जीन अरनॉल्ट को मिडिल ईस्ट के लिए अपना विशेष दूत नियुक्त किया है, जो ईरानी अधिकारियों के साथ बातचीत करेंगे।

पाकिस्तान और कतर की मध्यस्थता और अमेरिका का क्या है रुख?

इस पूरे विवाद में पाकिस्तान मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। मध्यस्थता के प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर शुक्रवार, 22 मई 2026 को खुद तेहरान पहुंचे हैं। इसके अलावा कतर का एक प्रतिनिधिमंडल भी इस बातचीत में शामिल होने के लिए तेहरान गया है।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बातचीत में थोड़ी प्रगति होने की बात स्वीकार की है, लेकिन उन्होंने आगाह किया कि ईरान के यूरेनियम कार्यक्रम और होर्मुज जलडमरूमध्य के नियंत्रण को लेकर दोनों देशों में अभी भी गहरे मतभेद हैं। वहीं, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा है कि बातचीत में अभी भी बड़े अंतर बाकी हैं और जल्द किसी समझौते की उम्मीद नहीं की जानी चाहिए।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान और अमेरिका के बीच चल रही बातचीत में मध्यस्थता कौन कर रहा है?

इस बातचीत में मुख्य रूप से पाकिस्तान मध्यस्थता कर रहा है। पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने हाल ही में तेहरान का दौरा किया है। इसके अलावा कतर का प्रतिनिधिमंडल भी इन प्रयासों में शामिल है।

बातचीत को लेकर अमेरिका और ईरान की मुख्य चिंताएं क्या हैं?

अमेरिका को ईरान के समृद्ध यूरेनियम कार्यक्रम और होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर चिंता है। वहीं ईरान का कहना है कि अमेरिका जरूरत से ज्यादा मांगें रख रहा है और बातचीत में अड़चनें पैदा कर रहा है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.