ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे सैन्य टकराव ने अब एक गंभीर मोड़ ले लिया है। ईरान के संयुक्त राष्ट्र में स्थायी प्रतिनिधि Amir-Saeid Iravani ने 18 जुलाई 2026 को UN महासचिव Antonio Guterres को एक आधिकारिक पत्र भेजा है। इस पत्र में ईरान ने अमेरिका पर नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने और इसे ‘युद्ध अपराध’ करार देने का आरोप लगाया है।
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हमलों से आम जनजीवन पर असर
ईरान का दावा है कि 8 जुलाई से शुरू हुए अमेरिकी हमलों में बंदरगाह, संचार नेटवर्क, बिजली संयंत्र और पानी के पंप जैसे महत्वपूर्ण ढांचे तबाह हो गए हैं। इन हमलों के कारण आम लोगों के लिए पीने के पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है। 15 जुलाई को अहवाज के Shahid Baghaei Hospital को भी नुकसान पहुंचा, जो कि बच्चों के कैंसर के इलाज के लिए एक विशेष केंद्र था और वहां से मरीजों को बाहर निकालना पड़ा था।
क्षेत्रीय स्थिरता पर खतरा
18 जुलाई 2026 को हुए हमलों में ईरान के होर्मोजगन प्रांत में 3 लोगों की मौत हुई और 8 लोग घायल हुए हैं। इस पूरे मामले पर UN महासचिव ने चिंता जताते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। वहीं, अमेरिका का कहना है कि उनकी सेना केवल ईरानी सैन्य क्षमताओं को कम करने के लिए सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बना रही है। इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच ईरान के वरिष्ठ सैन्य सलाहकार Mohsen Rezaei ने चेतावनी दी है कि अगर हमले बंद नहीं हुए तो ईरान बड़े पैमाने पर जवाबी कार्रवाई करेगा। हाल ही में ईरान ने कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने और होर्मोज जलडमरूमध्य में कुछ जहाजों के रुकने की भी सूचना दी है।
