ईरान के सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि उन्हें तेहरान और उसके सहयोगियों की ओर से ‘अविस्मरणीय सबक’ मिलेंगे। यह तनाव तब बढ़ा जब ईरान ने 18 जून 2026 को हुए शांति समझौते को रद्द कर दिया। ईरान ने राष्ट्रपति Donald Trump के हस्ताक्षर वाले इस समझौते को पूरी तरह बेअसर और अविश्वसनीय बताया है।
क्षेत्र में बढ़ा तनाव और सैन्य हमले
ईरान के डिप्टी फॉरेन मिनिस्टर Kazem Gharibabadi ने कहा कि अब कोई बातचीत नहीं होगी और ईरान सिर्फ अपनी रक्षा पर ध्यान देगा। बीते कुछ दिनों में अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों, सड़क सुरंगों, और समुद्री बुनियादी ढांचे पर हवाई हमले किए हैं। जवाब में ईरान ने कुवैत, जॉर्डन और अन्य खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए हैं।
नागरिकों और सैनिकों पर असर
कुवैत में एक तेल सुविधा और पानी के प्लांट पर हमले की पुष्टि हुई है। जॉर्डन में हुए हमले में 2 अमेरिकी सैनिकों की जान चली गई है और 1 अभी भी लापता है। इस संघर्ष में अब तक कुल 16 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है। वहीं, ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अमेरिकी हमलों में ईरान के 50 लोग मारे गए हैं और 500 से अधिक लोग घायल हुए हैं। सुरक्षा की स्थिति को देखते हुए अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने अपने नागरिकों के लिए Worldwide Caution अलर्ट जारी किया है।
