पश्चिम एशिया में तनाव की स्थिति लगातार बढ़ती जा रही है। ईरान के सर्वोच्च नेता Mojtaba Khamenei ने अमेरिका की क्षेत्रीय मौजूदगी को एक कल्पना करार दिया है। उन्होंने इराक के नागरिकों को लिखे एक संदेश में कहा कि वॉशिंगटन के लिए इस क्षेत्र में बिना किसी मुश्किल के टिके रहना अब मुमकिन नहीं है। यह बयान रविवार, 19 जुलाई 2026 को सामने आया है।
समझौता रद्द और सैन्य हमलों का दौर
ईरान ने अमेरिका के साथ किए गए 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MoU) को निलंबित कर दिया है। तेहरान का आरोप है कि अमेरिका ने बार-बार इस समझौते का उल्लंघन किया है, जिसके कारण राष्ट्रपति Donald Trump के हस्ताक्षर की अब कोई अहमियत नहीं बची है। इस बीच, दोनों देशों के बीच सीधी सैन्य झड़पें भी तेज हो गई हैं।
खाड़ी देशों में सुरक्षा को लेकर चिंता
पिछले हफ्ते से जारी संघर्ष के कारण Bahrain, Qatar और Kuwait में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरान ने ड्रोन और मिसाइलों से हमले किए हैं। ईरान ने दावा किया कि उन्होंने अमेरिका का एक MQ-9 ड्रोन भी मार गिराया है। जवाबी कार्रवाई में अमेरिका ने ईरान के बुनियादी ढांचे, रेलवे स्टेशन, हवाई अड्डे और पुलों को निशाना बनाया है। इन हमलों के दौरान 16 अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं। हालात को देखते हुए तेहरान के भीतर भी आंतरिक मतभेद की खबरें सामने आ रही हैं, जहाँ कुछ कट्टरपंथी गुट राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian और विदेश मंत्री Abbas Araghchi की नीतियों की आलोचना कर रहे हैं।
