ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही तनातनी अब खत्म हो सकती है। पूर्व राजनयिक Surendra Kumar के मुताबिक दोनों देश अब इस टकराव से थक चुके हैं और एक शांति समझौता चाहते हैं। इस बीच ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi कई देशों का दौरा कर रहे हैं ताकि मामला सुलझाया जा सके।

ईरान और अमेरिका के बीच शांति की कोशिशें क्यों हो रही हैं?

पूर्व राजनयिक Surendra Kumar ने बताया कि ईरान और अमेरिका दोनों ही इस स्थिति से थक चुके हैं और वास्तव में एक समझौते की तलाश में हैं। दोनों देश अपनी जनता के सामने यह साबित करना चाहते हैं कि उन्होंने किसी के दबाव में आकर फैसला नहीं लिया और अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा की है। इस पूरी प्रक्रिया में Oman जैसे भरोसेमंद देशों की मध्यस्थता बहुत अहम रही है।

शांति समझौते के लिए क्या शर्तें और अपडेट सामने आए हैं?

  • Donald Trump का बयान: अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि ईरान की हालत काफी खराब है। उन्होंने साफ किया कि वे बातचीत के लिए बाहर नहीं जाएंगे और फोन पर बात करेंगे। उन्होंने शर्त रखी कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए।
  • ईरान का प्रस्ताव: ईरान ने प्रस्ताव दिया है कि Strait of Hormuz को फिर से खोल दिया जाए और परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा को फिलहाल के लिए टाल दिया जाए।
  • मध्यस्थता की भूमिका: पाकिस्तान इस बातचीत में बीच का रास्ता निकालने में मदद कर रहा है। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका तक अपने प्रस्ताव और रेड लाइन पहुंचाई हैं।
  • रूस के साथ चर्चा: ईरान के विदेश मंत्री ने रूस का दौरा किया जहां उनकी मुलाकात राष्ट्रपति Vladimir Putin से हुई ताकि बातचीत और युद्धविराम की स्थिति पर चर्चा की जा सके।

Strait of Hormuz और परमाणु मुद्दों पर क्या है विवाद?

Strait of Hormuz एक बहुत ही महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता है। डोनाल्ड ट्रंप ने इसके नाकेबंदी को बहुत असरदार बताया था। अब ईरान इसे फिर से खोलने की बात कर रहा है ताकि संघर्ष खत्म हो सके। वहीं, परमाणु हथियारों का मुद्दा सबसे बड़ा विवाद बना हुआ है, जिस पर अमेरिका बिल्कुल भी समझौता करने को तैयार नहीं है। ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने यह भी कहा कि वे दबाव में आकर कोई बातचीत नहीं करेंगे।