अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने साफ कर दिया है कि वह ईरान के पास संवर्धित यूरेनियम यानी highly enriched uranium का स्टॉक बिल्कुल नहीं रहने देंगे। दूसरी तरफ, ईरान के सुप्रीम लीडर का कहना है कि इसे देश से बाहर नहीं भेजा जाना चाहिए। इस बीच दुनिया भर में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या इतने खतरनाक परमाणु मटेरियल को सुरक्षित तरीके से एक देश से दूसरे देश में ट्रांसफर किया जा सकता है और इसके नियम क्या हैं।

ट्रम्प प्रशासन और ईरान के बीच किस बात पर फंसा है पेंच

अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध को खत्म करने के लिए बातचीत चल रही है, जिसमें सबसे बड़ा मुद्दा ईरान का यूरेनियम स्टॉक है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने साफ किया है कि किसी भी समझौते के लिए जरूरी है कि ईरान के पास परमाणु हथियार न हों और वह अपना यूरेनियम सौंप दे। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान यूरेनियम की शुद्धता को कम करने यानी उसे डाइल्यूट करने के लिए तो तैयार है, लेकिन उसे अमेरिका या रूस भेजने के पक्ष में नहीं है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी यानी IAEA के अनुसार, ईरान के पास इस समय लगभग 972 पाउंड यानी 440 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम मौजूद है।

क्या सच में सुरक्षित तरीके से ट्रांसफर हो सकता है यूरेनियम

वैज्ञानिकों और अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार, संवर्धित यूरेनियम को सुरक्षित रूप से एक देश से दूसरे देश भेजा जा सकता है। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी यानी IAEA ने साल 2025 में नियम जारी किए हैं। यूरेनियम को बेहद मजबूत और खास स्टील सिलेंडरों में रखा जाता है जिन्हें Type 30B कंटेनर कहा जाता है। ये कंटेनर भारी दबाव और आग को आसानी से झेल सकते हैं। एडलो इंटरनेशनल जैसी विशेषज्ञ कंपनियां इस पूरे परिवहन और सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालती हैं। इतिहास में पहले भी साल 2009 में रोमानिया और लीबिया से रूस तक यूरेनियम को सुरक्षित तरीके से हवाई मार्ग से भेजा जा चुका है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान के पास इस समय कितना संवर्धित यूरेनियम मौजूद है

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी यानी IAEA की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के पास इस समय लगभग 972 पाउंड यानी 440 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम का स्टॉक है जो 60 प्रतिशत तक प्योर है।

यूरेनियम को सुरक्षित ट्रांसफर करने के लिए किस कंटेनर का इस्तेमाल होता है

यूरेनियम को ट्रांसफर करने के लिए खास तौर पर डिजाइन किए गए मजबूत स्टील सिलेंडरों का इस्तेमाल होता है जिन्हें Type 30B कंटेनर कहा जाता है, जो भारी दबाव और गर्मी झेल सकते हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.