ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा युद्ध अब खत्म होने वाला है। दोनों देशों के बीच एक समझौता (MoU) हुआ है जिससे सैन्य हमले और लड़ाई पूरी तरह बंद हो जाएगी। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (SNSC) ने इस बात की पुष्टि की है कि अब दोनों तरफ से सैन्य ऑपरेशन स्थायी रूप से रोक दिए जाएंगे।
रेजिस्टेंस फोर्स का जताया शुक्रिया
IRGC Quds Force के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल Esmail Qa’ani ने 15 जून 2026 को इस समझौते पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भले ही ईरान ने उनसे कोई आधिकारिक मांग नहीं की थी, लेकिन ‘रेजिस्टेंस फोर्स’ इस युद्ध के दौरान ईरान के साथ मजबूती से खड़ी रही। उन्होंने इसे एक बड़ी जीत बताया जो तेहरान के Enghelab Square से लेकर दुनिया के दबे-कुचले देशों तक महसूस की जा रही है।
सुरक्षा बेल्ट और चेतावनी
जनरल कानी ने इससे पहले भी चेतावनी दी थी कि अगर इजरायल या अमेरिका कोई उकसावा करते हैं, तो इसका जवाब एक संयुक्त मोर्चे के जरिए दिया जाएगा। उन्होंने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से लेकर बाब अल-मंडब तक और फारस की खाड़ी से लाल सागर तक एक ‘नया सुरक्षा बेल्ट’ बनाने की बात कही थी।
इसके अलावा, उन्होंने लेबनान के हिजबुल्लाह के प्रति अपना समर्थन जताया और कहा कि हिजबुल्लाह के बलिदानों से ही लेबनान की आजादी जुड़ी है। IRNA न्यूज़ एजेंसी, जो ईरान की सरकारी एजेंसी है, ने इन सभी आधिकारिक बयानों को साझा किया है।